उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में असंद्रा थाना क्षेत्र के भवनियापुर स्थित श्रीराम जानकी मठ मंगलवार को तनाव का केंद्र बन गया। मठ के महंत मुकुंदपुरी द्वारा ‘जिंदा समाधि’ लेने की घोषणा के बाद हालात गंभीर हो गए हैं। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है और प्रशासनिक अधिकारी लगातार महंत को मनाने में जुटे हुए हैं।

पूरा विवाद मठ की संपत्ति को लेकर लंबे समय से चल रहे भूमि विवाद से जुड़ा है। महंत मुकुंदपुरी का आरोप है कि एक व्यक्ति ने फर्जी और बिना पंजीकरण वाली वसीयत के आधार पर मठ की करोड़ों रुपये की संपत्ति अपने नाम दर्ज करा ली थी। इस मामले में तहसील प्रशासन ने 24 अगस्त 2023 को हस्तक्षेप करते हुए वसीयत को निरस्त कर संपत्ति को मूल खातेदार के नाम दर्ज करने का आदेश दिया था। साथ ही 45 दिनों के भीतर समाधान का आश्वासन भी दिया गया था, लेकिन मामला अब तक लंबित ही रहा।

प्रशासनिक देरी से नाराज महंत का अल्टीमेटम

समय पर कार्रवाई न होने से नाराज महंत मुकुंदपुरी ने पहले ही चेतावनी दे दी थी कि यदि 20 अप्रैल तक समाधान नहीं हुआ तो 21 अप्रैल को वे ‘जिंदा समाधि’ ले लेंगे। तय समय सीमा पूरी होने के बाद वे अपने फैसले पर अड़े रहे, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई।

सूचना फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मठ परिसर में एकत्र हो गए।

प्रशासनिक टीम लगातार संवाद में

मौके पर एसडीएम, सीओ और स्थानीय पुलिस प्रशासन स्थिति को नियंत्रित करने और समाधान निकालने के प्रयास में जुटे हैं। अधिकारियों द्वारा लगातार बातचीत की जा रही है, लेकिन अब तक कोई अंतिम सहमति नहीं बन सकी है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह पहली बार नहीं है जब महंत मुकुंदपुरी ने इस तरह का कदम उठाने की चेतावनी दी हो। वर्ष 2023 में भी उन्होंने इसी प्रकार की घोषणा की थी, जिसे प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद टाल दिया गया था। हालांकि इस बार मामला अधिक गंभीर और स्थिति ज्यादा तनावपूर्ण बनी हुई है।