फिल्म अभिनेता और कॉमेडियन सुनील पाल के अपहरण मामले में सोमवार को उन्होंने एडीजे-3 रितेश सचदेवा की अदालत में गवाही दी। सुनवाई के दौरान उन्होंने पूरी वारदात का विस्तार से जिक्र करते हुए आरोपियों पर गंभीर आरोप लगाए।
सुनील पाल ने अदालत को बताया कि 2 दिसंबर 2024 को उन्हें हरिद्वार में एक शो में प्रस्तुति देने के नाम पर बुलाया गया था। वह मुंबई से दिल्ली पहुंचे थे, जहां पहले से मौजूद पांच-छह लोगों ने उनका अपहरण कर लिया। इसके बाद उन्हें कार में मेरठ ले जाया गया और आंखों पर पट्टी बांधकर एक अज्ञात स्थान पर बंधक बनाकर रखा गया।
अभिनेता के अनुसार, अपहरणकर्ताओं ने उनके दोस्तों से संपर्क कर लगभग आठ लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करवाए। इसके अलावा, सदर थाना क्षेत्र स्थित एक ज्वेलर्स से करीब चार लाख रुपये और लालकुर्ती क्षेत्र की दुकान से लगभग 2.25 लाख रुपये के आभूषण भी उनके नाम पर खरीदे गए। इन सभी लेन-देन में उनके मोबाइल का इस्तेमाल किया गया।
बाद में उन्हें सड़क किनारे छोड़ दिया गया। इस मामले में उनकी पत्नी की शिकायत पर पहले मुंबई के सांताक्रूज थाने में केस दर्ज हुआ था, जिसे बाद में मेरठ के लालकुर्ती थाने में ट्रांसफर कर दिया गया।
अदालत में गवाही और आगे की सुनवाई
अभियोजन पक्ष के अनुसार, सोमवार को आरोपी अदालत में पेश नहीं हुए। सुनील पाल ने अपनी गवाही में कहा कि वह आरोपियों को पहचान सकते हैं और उन्हें न्याय मिलना चाहिए। मामले की अगली सुनवाई के लिए उन्हें 15 मई को फिर से अदालत में बुलाया गया है।
पहले भी सामने आया था गिरोह का नाम
जांच में सामने आया है कि यह मामला उसी गिरोह से जुड़ा है, जिसने अभिनेता मुश्ताक खान का भी अपहरण किया था। पुलिस ने इस मामले में बिजनौर और मेरठ से कुल दस आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिनमें से कुछ को मुठभेड़ के बाद पकड़ा गया था। सभी के खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल की जा चुकी है।
मानसिक आघात और बयान
सुनील पाल ने बताया कि इस घटना के बाद वह गहरे मानसिक तनाव में रहे, जिससे उनका वजन 10 किलो से अधिक कम हो गया। उन्होंने कहा कि वह अब भी डिप्रेशन से गुजर रहे हैं और चाहते हैं कि दोषियों को सख्त सजा मिले। उन्होंने यह भी बताया कि अब वह अपनी सुरक्षा को लेकर अधिक सतर्क रहते हैं और हर यात्रा की जानकारी अपने करीबियों से साझा करते हैं।