मेरठ: फर्जी प्रार्थना पत्र देकर लोगों को डराने-धमकाने और अवैध वसूली करने के आरोप में पुलिस ने गांव गोविंदपुर शकरपुर निवासी हिस्ट्रीशीटर हरेंद्र को बहरोड़ा मोड़ के पास से गिरफ्तार कर लिया है। जबकि उसके दो बेटे अंशुल और अक्षय मौके से फरार हो गए। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया है।

थाना प्रभारी सुबोध कुमार सक्सेना के अनुसार, दो दिन पहले गांव निवासी संजय ने तहरीर देकर आरोप लगाया था कि हरेंद्र और उसके दोनों बेटे विभिन्न सरकारी कार्यालयों में फर्जी शिकायतें देकर लोगों को परेशान करते हैं और दबाव बनाकर अवैध वसूली करते हैं।

पीड़ित का आरोप है कि आरोपियों ने उसके खिलाफ भी एक कार्यालय में झूठा प्रार्थना पत्र देकर शिकायत दर्ज कराई और बाद में उससे 15 लाख रुपये की रंगदारी की मांग की। साथ ही रकम न देने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई।

इस मामले में संजय की शिकायत के आधार पर तीनों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अधीक्षक देहात अभिजीत के निर्देश पर कार्रवाई करते हुए सोमवार को हरेंद्र को गिरफ्तार किया गया।

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, आरोपी हरेंद्र के खिलाफ खरखौदा, हापुड़ देहात और मुजफ्फरनगर समेत विभिन्न थानों में पहले से आठ आपराधिक मामले दर्ज हैं।