उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के रामपुरा थाना क्षेत्र में सोमवार शाम एक पारिवारिक विवाद ने भयावह रूप ले लिया। फसल के बंटवारे को लेकर हुए झगड़े में दो सगे भाइयों की जान चली गई, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।
जानकारी के अनुसार, मिर्जापुर जागीर निवासी 70 वर्षीय जय नारायण चतुर्वेदी के तीन बेटे हैं, जो अलग-अलग स्थानों पर रहकर खेती-किसानी का काम देखते हैं। बड़ा बेटा कैलाश (43) गांव में ही रहता था, जबकि दूसरा बेटा जितेंद्र उर्फ अल्लू (33) रामपुरा में और सबसे छोटा बेटा गुड्डू (26) अंगदेला मडैइयन में रहता है।
पिछले दो दिनों से फसल बंटवारे को लेकर परिवार में विवाद चल रहा था। ग्रामीणों के मुताबिक, मझला बेटा जितेंद्र बंटवारे से असंतुष्ट था और लगातार विरोध कर रहा था।
सोमवार शाम खेत में गेहूं की कटाई के दौरान सभी परिजन मौके पर पहुंचे। इसी दौरान विवाद फिर भड़क उठा और कहासुनी बढ़ गई। आरोप है कि बहस के दौरान जितेंद्र ने तमंचे से अपने बड़े भाई कैलाश को गोली मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
भाई की मौत देख पिता जय नारायण और छोटा भाई गुड्डू गुस्से में बेकाबू हो गए। दोनों ने लाठी-डंडों से जितेंद्र पर हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया और मौके पर ही उसकी भी मौत हो गई।
घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोग दहशत में खड़े रहे और किसी ने बीच-बचाव करने की हिम्मत नहीं जुटाई। बाद में पुलिस को सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही सीओ अंबुज यादव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही पिता और छोटे बेटे को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गोली मारने के बाद जितेंद्र ने तमंचा लहराते हुए लोगों को धमकाया भी, जिससे हालात और बिगड़ गए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि वह शांत हो जाता तो शायद उसकी जान बच सकती थी।