पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अप्रैल के महीने में ही गर्मी ने जून जैसे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। बढ़ते तापमान और तेज धूप के कारण जनजीवन प्रभावित हो गया है। दोपहर के समय शहरों की सड़कों पर सन्नाटा पसरा नजर आ रहा है, जबकि लोग लू जैसे हालात से बचने के लिए घरों में रहने को मजबूर हैं।
पिछले एक सप्ताह से लगातार तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। अधिकतम तापमान तेजी से 40 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच रहा है, वहीं न्यूनतम तापमान में भी इजाफा हो रहा है। दिन ही नहीं, रात के समय भी गर्मी से राहत नहीं मिल रही है। इसका सबसे ज्यादा असर बुजुर्गों, बच्चों और दिहाड़ी मजदूरों पर पड़ रहा है।
तेज हवाओं से हल्की राहत, लेकिन चिंता बरकरार
मंगलवार को कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार बढ़ने से गर्मी से मामूली राहत जरूर महसूस की गई। हवा चलने के कारण मेरठ समेत आसपास के क्षेत्रों में प्रदूषण के स्तर में भी कमी आई है, जिससे एयर क्वालिटी इंडेक्स में थोड़ा सुधार दर्ज किया गया। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि यह राहत अस्थायी है।
सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान में और वृद्धि हो सकती है। तेज धूप और गर्म हवाओं का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।
स्वास्थ्य पर असर और जनजीवन प्रभावित
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि वे दोपहर के समय अनावश्यक बाहर निकलने से बचें, पर्याप्त पानी का सेवन करें और धूप से बचाव के उपाय अपनाएं। गर्मी बढ़ने के साथ ही बाजारों में भी भीड़ कम होती जा रही है, जबकि दोपहर के समय दुकानें लगभग खाली नजर आती हैं।
शाम के समय ही थोड़ी रौनक देखने को मिल रही है। वहीं, बिजली की खपत बढ़ने से आपूर्ति पर दबाव भी बढ़ गया है, जिससे बिजली कटौती की समस्या और गहरा सकती है। अप्रैल में ही जून जैसी गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है और आने वाले दिनों में हालात और कठिन होने की आशंका जताई जा रही है।