लखनऊ। उत्तर प्रदेश एटीएस अब दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल द्वारा हाल ही में गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ करेगी। इसके लिए एटीएस ने दिल्ली पुलिस से संपर्क कर अब तक की जांच और पूछताछ से जुड़ी जानकारियां साझा की हैं।

सूत्रों के मुताबिक, जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी उत्तर प्रदेश के अलग-अलग शहरों में पाकिस्तान से जुड़े गैंगस्टरों शहजाद भट्टी, आबिद जट और अजमल गुर्जर के पोस्टर लगाने की योजना बना रहे थे।

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने हाल ही में गाजियाबाद के अनस, मोहित, आरिफ, साबिर, दीपक, जतन और मेरठ के मोहम्मद रेहान को आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया था। इन पर आरोप है कि ये लोग पाकिस्तान स्थित गैंगस्टरों के संपर्क में थे और कथित तौर पर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के इशारे पर काम कर रहे थे।

जांच एजेंसियों का कहना है कि आरोपियों को पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में बड़ी आपराधिक और आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने का टारगेट दिया गया था। इसके लिए उन्होंने कई संवेदनशील स्थानों की रेकी भी की थी। साथ ही पुलिसकर्मियों, नेताओं, राजनीतिक दलों के कार्यालयों और सरकारी प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने की साजिश की जानकारी भी सामने आई है।

एटीएस की जांच तेज

एटीएस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में और कितने लोग जुड़े हुए थे और आरोपियों तक हथियार और कारतूस कैसे पहुंचे। मेरठ में लगाए गए पोस्टरों की छपाई और फंडिंग के स्रोत की भी जांच की जा रही है।

सूत्रों के अनुसार, आरोपियों के मोबाइल फोन से कई फोटो और वीडियो बरामद हुए हैं, जिन्हें दिल्ली पुलिस ने एटीएस के साथ साझा किया है। इनमें तहरीक-ए-तालिबान-हिंदुस्तान (TTH) से जुड़े संदिग्ध वीडियो भी शामिल हैं।

जांच एजेंसियों को आशंका है कि सोशल मीडिया और इंटरनेट के जरिए युवाओं को बहला-फुसलाकर इस नेटवर्क में जोड़ा जा रहा था, जिससे एक संभावित स्लीपर सेल तैयार किया जा रहा था।