परतापुर थाना क्षेत्र में शुक्रवार देर रात दुस्साहसिक लूट की वारदात सामने आई। घाट पुलिस चौकी से कुछ ही दूरी पर बाइक और कार सवार बदमाशों ने हरिद्वार से फरीदाबाद जा रहे एक कैंटर को निशाना बनाया। बदमाशों ने कैंटर को रोककर उसमें तोड़फोड़ की और पैनासोनिक कंपनी का इलेक्ट्रॉनिक सामान लूटकर फरार हो गए। इस घटना में कैंटर से कुल 32 पेटियां गायब पाई गई हैं।
कैंटर चालक संजीव, जो बिहार के छपरा जिले का निवासी है, बदमाशों से जान बचाकर मौके से भाग गया। करीब दो घंटे बाद उसने पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
घटनास्थल पर कैंटर के शीशे और बॉडी पर करीब 25 गहरे निशान पाए गए हैं, जिन्हें देखकर प्रथम दृष्टया फायरिंग की आशंका जताई जा रही थी। हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ये निशान गोली के नहीं, बल्कि किसी भारी लोहे की रॉड से किए गए हमले के हैं। फोरेंसिक टीम की शुरुआती जांच में भी गोली चलने के साक्ष्य नहीं मिले हैं।
सीओ ब्रह्मपुरी सौम्या अस्थाना ने बताया कि कैंटर हरिद्वार के बहादराबाद स्थित पैनासोनिक गोदाम से माल लेकर मेरठ होते हुए फरीदाबाद जा रहा था। रात करीब एक बजे कैंटर परतापुर बाईपास पर डुंगरावली गांव के पास पहुंचा, तभी बदमाशों ने बाइक और कार से ओवरटेक कर उसे रोकने की कोशिश की। चालक ने वाहन नहीं रोका तो आरोपियों ने आगे से घेराबंदी कर दी।
खुद को घिरा देख चालक ने कैंटर को फेंटेसी वर्ल्ड के सामने पुल के किनारे रोक दिया और झाड़ियों की ओर भाग गया। इसके बाद बदमाशों ने कैंटर की सील तोड़कर उसमें रखे इलेक्ट्रॉनिक सामान को निकाल लिया और मौके से फरार हो गए।
घटना के बाद पुलिस ने कैंटर चालक से पूछताछ की और ट्रांसपोर्टर दिनेश की शिकायत पर लूट का मुकदमा दर्ज किया गया है। जांच में यह भी सामने आया है कि बदमाश काफी दूरी से कैंटर का पीछा कर रहे थे। प्रारंभिक जांच में बाइक सवार बदमाशों और चालक के बीच पहले किसी टक्कर को लेकर विवाद की बात भी सामने आई है।
पुलिस गश्त पर उठे सवाल
घटना घाट पुलिस चौकी से महज 200 मीटर की दूरी पर होने के कारण पुलिस की गश्त और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। हाईवे पर इतनी बड़ी वारदात के बावजूद बदमाशों का फरार हो जाना चर्चा का विषय बना हुआ है। शनिवार देर शाम तक कैंटर को थाने में न रखकर अन्य स्थान पर खड़ा किए जाने को लेकर भी सवाल उठे।
सीसीटीवी फुटेज से सुराग
पुलिस ने सिवाया टोल प्लाजा से लेकर घाट चौकी तक लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की है। फुटेज में पहले एक संदिग्ध कार और फिर तीन युवकों की बाइक कैंटर का पीछा करते हुए नजर आई है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की पहचान के प्रयास तेज कर दिए गए हैं और जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।