मेरठ। मवाना रोड स्थित तोफापुर गांव के नायब सूबेदार अरुण यादव का ड्यूटी के दौरान हार्ट अटैक से निधन हो गया। वह राजस्थान के जोधपुर में 407 गन मिसाइल रेजिमेंट में तैनात थे और ऑपरेशन सिंदूर का हिस्सा भी रह चुके थे।
सेना में लंबा सफर और सक्रिय भूमिका
43 वर्षीय अरुण यादव वर्ष 2000 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। वे पिछले तीन वर्षों से जोधपुर रेजिमेंट में तैनात थे और उनकी तैनाती लोंगेवाला बॉर्डर पर भी रही। परिजनों के अनुसार, 3 जनवरी को ड्यूटी के दौरान उन्हें अचानक हार्ट अटैक आया, जिससे उनकी मृत्यु हो गई।
गांव में सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार
सोमवार सुबह सेना के अधिकारी अरुण यादव का पार्थिव शरीर तोफापुर गांव लेकर पहुंचे। परिवार के निर्णय के अनुसार उनके खेत में ही सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इस अवसर पर सेना के जवानों ने सलामी दी और राष्ट्रध्वज में लिपटे पार्थिव शरीर को अंतिम विदाई दी गई।
प्रशासनिक अधिकारी और ग्रामीण उपस्थित
अंतिम संस्कार में एसडीएम मवाना, नायब तहसीलदार, सीओ सदर देहात और इंचौली थाना पुलिस उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने भी बड़ी संख्या में शोक व्यक्त करते हुए अंतिम दर्शन किया।
परिवार में पत्नी और दो बेटे
परिजनों के अनुसार अरुण यादव के पिता सूबे सिंह और बड़े भाई कर्मवीर खेती करते हैं। उनकी माता जगदेयी का पहले ही निधन हो चुका है। बहन पूनम विवाहित हैं। उनकी पत्नी अंजू और दो बेटे आदित्य और कृष यादव गांव में ही रहते हैं। अरुण यादव के निधन से पूरे परिवार और गांव में शोक की लहर फैल गई है।