उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत मंगलवार को चुनाव आयोग ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी करेगा। इस कच्ची सूची में कुल 12.55 करोड़ मतदाताओं के नाम शामिल होंगे। पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान विभिन्न कारणों से 2.89 करोड़ नाम सूची से हटाए गए हैं, जिनमें स्थानांतरण, मृत्यु, दोहराव और लंबे समय से अनुपस्थित मतदाता शामिल हैं। सभी जिलों में ड्राफ्ट सूची के प्रकाशन को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
सोमवार को मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने अधिकारियों के साथ बैठक कर अब तक की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए कि मतदाता सूची को अधिक से अधिक शुद्ध और त्रुटिरहित बनाने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएं। ड्राफ्ट सूची जारी होने के बाद मंगलवार से 6 फरवरी तक मतदाताओं से दावे और आपत्तियां आमंत्रित की जाएंगी, जिनका निपटारा 27 फरवरी तक किया जाएगा। इसके बाद अंतिम मतदाता सूची 6 मार्च को प्रकाशित की जाएगी।
जिन 2.89 करोड़ नामों को सूची से हटाया गया है, उनमें करीब 1.26 करोड़ ऐसे मतदाता हैं जो स्थायी रूप से अन्य स्थानों पर जा चुके हैं। इसके अलावा 46 लाख मृत मतदाता, 23.70 लाख दोहराए गए नाम, 83.73 लाख लंबे समय से अनुपस्थित और लगभग 9.57 लाख अन्य श्रेणी के मतदाता शामिल हैं। आयोग के अनुसार प्रदेश के करीब 91 प्रतिशत मतदाताओं का 2003 की मतदाता सूची से मिलान हो चुका है, ऐसे मतदाताओं से किसी अतिरिक्त दस्तावेज की मांग नहीं की जाएगी।
गौरतलब है कि चुनाव आयोग ने 27 अक्टूबर को विशेष गहन पुनरीक्षण कराने की घोषणा की थी, जिसके बाद 30 नवंबर और 11 दिसंबर को कार्यक्रम में संशोधन किया गया। अब मंगलवार को तीसरी बार एसआईआर की समय-सीमा बढ़ाई गई है। यह पूरी प्रक्रिया 1 जनवरी 2026 को अर्हता तिथि मानकर की जा रही है।