मेरठ: पहाड़ों में लगातार हो रही बर्फबारी का असर मैदानों तक साफ दिखाई दे रहा है। कोहरा और शीतलहर ने मिलकर लोगों की दिनचर्या को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। सुबह से शाम तक सूरज की किरणें नजर नहीं आईं और ठंड ने अपना जादू कायम रखा। इस दौरान अधिकतम तापमान 13 डिग्री के आसपास दर्ज किया गया, जो पिछले 21 साल में सबसे कम रहा। शुक्रवार रात आठ बजे तक घना कोहरा छाया रहा।
सुबह से ही दृश्यता बेहद कम थी और 10 मीटर की दूरी पर भी कुछ साफ दिखाई नहीं दे रहा था। सड़कों पर वाहन धीरे-धीरे बढ़ रहे थे और दिल्ली–देहरादून हाईवे पर दिन में ही हेडलाइट जलाकर गाड़ियों को चलाना पड़ा। कई जगह जाम जैसे हालात बन गए। कोहरे और कड़ाके की ठंड ने आम लोगों की गतिविधियों पर बड़ा असर डाला।
शाम के समय घना कोहरा फिर से फैल गया और रात तक बाहर निकलना मुश्किल हो गया। मौसम विशेषज्ञ डॉ. एम. शमीम, भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान, मोदीपुरम के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के चलते अगले दो दिनों तक कोहरे और शीतलहर का असर जारी रहेगा। हल्की बारिश की संभावना है, लेकिन ठंड से राहत फिलहाल नहीं मिलने वाली। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 13.6 डिग्री और न्यूनतम 6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
स्कूलों में ठंड का असर
कई दिनों बाद स्कूल खुलने पर बच्चों को कोहरे और सर्दी में स्कूल जाना पड़ा। जिला प्रशासन ने स्कूल का समय 10 बजे से 3 बजे तक कर दिया था, लेकिन सुबह 11 बजे तक भी कोहरा छंटा नहीं। पर्याप्त बचाव उपाय न होने के कारण बच्चे ठिठुरते हुए स्कूल पहुंचे। अभिभावक भी बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित दिखे।
21 साल में सबसे ठंडी जनवरी की रिकॉर्डिंग
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 16 जनवरी को दर्ज 13.1 डिग्री अधिकतम तापमान पिछले 21 वर्षों में सबसे कम रहा। इससे पहले 2006 में 14.7 डिग्री और 2020 में 15.6 डिग्री अधिकतम तापमान रिकॉर्ड किया गया था। विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बने रहने वाले कोहरे और ठंड की वजह से यह सर्दी का दौर अभी कुछ दिन और जारी रह सकता है।