मेरठ। गांव सरूरपुर खुर्द में आयोजित भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) की किसान गोष्ठी में संगठन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने देश की वर्तमान आर्थिक और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों को लेकर चिंता व्यक्त की। उन्होंने भारत-अमेरिका समझौते की आलोचना करते हुए कहा कि सरकार की नीतियों और वैश्विक हालात मिलकर देश को गंभीर आर्थिक चुनौतियों की ओर धकेल सकते हैं।
टिकैत ने ईरान-इजराइल संघर्ष का उदाहरण देते हुए कहा कि इस विवाद का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ा है और भारत में तेल और रसोई गैस की उपलब्धता पर इसका सीधा असर होगा। उन्होंने बताया कि कुछ इलाकों में गैस की कमी से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। टिकैत ने यह भी कहा कि ईरान हमेशा भारत का मित्र रहा है, इसलिए प्रधानमंत्री को इस मामले में संतुलित कूटनीति अपनानी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि भारत की नीतियां और इजराइल के साथ करीबी संबंध आम जनता और किसानों के लिए चिंता का कारण बन रहे हैं।
भाकियू प्रवक्ता ने ऊर्जा निगम पर किसानों के उत्पीड़न के आरोप भी लगाए। गोष्ठी में बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण शामिल हुए, और इस दौरान खेती-बाड़ी और ग्रामीण समस्याओं पर व्यापक चर्चा हुई। कार्यक्रम की अध्यक्षता महिपाल सिंह ने की और संचालन हर्ष चहल ने किया। भाकियू के कई वरिष्ठ नेता जैसे चौधरी अनुराग, विनोद पूनिया, वीरेंद्र पूनिया, कृष्णपाल, मनोज शर्मा, अमित कुमार और देवेंद्र फोगाट भी मौजूद रहे।
टिकैत ने उपस्थित किसानों से अपील करते हुए कहा कि देश संकट के समय हर नागरिक को अपने देश के साथ खड़ा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि डीजल, पेट्रोल और गैस का उपयोग विवेकपूर्ण तरीके से किया जाना चाहिए और यात्रा के लिए सार्वजनिक परिवहन का अधिकतम उपयोग करना चाहिए। टिकैत ने जोर देकर कहा कि संकट की स्थिति में हर व्यक्ति का कर्तव्य है कि वह देश की सुरक्षा और संसाधनों के संयमित उपयोग में योगदान दे।