मेरठ: पल्लवपुरम फेज-वन स्थित मेरठ विकास प्राधिकरण (मेधा) के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) परिसर में शनिवार को एक दंपती का शव मिला। मृतकों की पहचान 35 वर्षीय प्रदीप यादव और उनकी पत्नी मधु यादव के रूप में हुई। प्रदीप जिला हरदोई के थाना पिहानी क्षेत्र के गांव घोरेला के निवासी थे और एसटीपी में संविदा ऑपरेटर के रूप में कार्यरत थे।
परिवार और रिश्तेदारों के अनुसार, प्रदीप और मधु के बीच पिछले पांच महीनों से घरेलू विवाद चल रहा था। दोनों के रिश्तेदारों ने कई बार बीच-बचाव करने की कोशिश की थी।
बताया गया कि प्रदीप शुक्रवार देर रात ही पत्नी और पुत्र यश यादव के साथ ट्रेन से मेरठ लौटे थे। शनिवार दोपहर यश अपने मामा शंकर यादव के साथ होली खेलने गया था। वहीं शाम करीब पांच बजे, एसटीपी पर कार्यरत लखनऊ निवासी कर्मचारी रामकरण घर छुट्टी पर जा रहे थे और वह अपने साथियों से मिलने के बाद प्रदीप को नहीं देख पाए।
प्रदीप का कमरे का दरवाजा बंद था, लेकिन कुंडी खुली हुई थी। जैसे ही रामकरण ने दरवाजे पर हाथ मारा, वह खुल गया और अंदर देखकर वह दंग रह गए। कमरे में रस्सी के फंदे में प्रदीप का शव लटका हुआ था, जबकि मधु का शव पास में बिस्तर पर पड़ा था।
पल्लवपुरम थाने के एसएचओ महेश कुमार और फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की और शवों को मर्चरी भेजा। पुलिस दोनों की मौत के कारणों का पता लगाने में जुटी हुई है और प्रारंभिक जांच जारी है।