मेरठ में नगर निगम कार्यकारिणी के उपाध्यक्ष पद के लिए हुए चुनाव में भाजपा पार्षद अनिल वर्मा को निर्विरोध चुन लिया गया। विपक्षी दलों की ओर से कोई उम्मीदवार मैदान में न उतारने के कारण मतदान की आवश्यकता ही नहीं पड़ी। नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनाव अधिकारी और अपर नगर आयुक्त पंकज कुमार सिंह ने उनके निर्विरोध चुने जाने की घोषणा की।

घोषणा होते ही चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के अटल सभागार में मौजूद भाजपा कार्यकर्ताओं और पार्षदों ने “जय श्रीराम” के नारों के साथ खुशी जताई। समर्थकों ने अनिल वर्मा को फूलमालाएं पहनाकर बधाई दी और मिठाई बांटकर जीत का जश्न मनाया।

इस तरह पूरी हुई चुनाव प्रक्रिया

नगर निगम प्रशासन ने चुनाव के लिए पूरी व्यवस्था की थी। अटल सभागार के बाहर टेंट लगाए गए थे और नामांकन की प्रक्रिया तय समय के अनुसार शुरू हुई। सुबह करीब साढ़े 11 बजे भाजपा महानगर अध्यक्ष विवेक रस्तोगी, ऊर्जा राज्य मंत्री डॉ. सोमेंद्र तोमर और महापौर हरिकांत अहलूवालिया समेत पार्टी के कई नेता और पार्षद अटल सभागार पहुंचे।

दोपहर 12:30 बजे तक नामांकन दाखिल करने का समय निर्धारित था। भाजपा ने अपने आठ कार्यकारिणी सदस्यों में से पार्षद अनिल वर्मा को उम्मीदवार घोषित किया। उनके नामांकन के बाद विपक्षी दलों से भी प्रत्याशी आने का इंतजार किया गया, लेकिन किसी ने पर्चा दाखिल नहीं किया। समय सीमा समाप्त होने पर अनिल वर्मा को निर्विरोध विजेता घोषित कर दिया गया।

कार्यकारिणी उपाध्यक्ष की भूमिका यह होती है कि महापौर की अनुपस्थिति में वह कार्यकारिणी समिति की बैठकों की अध्यक्षता करता है।

भाजपा ने इस बार पिछड़ा वर्ग पर लगाया दांव

पिछली बार इस पद पर अनुसूचित जाति से पार्षद विमला वाल्मीकि चुनी गई थीं। इस बार भाजपा ने पिछड़ा वर्ग से आने वाले अनिल वर्मा को मौका दिया। वे वार्ड 62 इंदिरा नगर से पहली बार पार्षद बने हैं और 2024 में कार्यकारिणी सदस्य चुने गए थे। उपाध्यक्ष के रूप में उनका कार्यकाल सितंबर 2026 तक रहेगा।

अनिल वर्मा भाजपा महानगर ओबीसी मोर्चा के महामंत्री होने के साथ-साथ स्वर्णकार संघ के महानगर अध्यक्ष भी हैं।

विपक्ष ने नहीं उतारा प्रत्याशी

नगर निगम कार्यकारिणी में कुल 12 सदस्य हैं, जिनमें आठ भाजपा, तीन समाजवादी पार्टी और एक भाजपा से निलंबित पार्षद शामिल हैं। जीत के लिए सात मतों की आवश्यकता थी, जो भाजपा के पास पहले से ही थे। यही कारण रहा कि विपक्ष ने उम्मीदवार उतारना उचित नहीं समझा।

सपा पार्षद इकराम सैफी का कहना था कि केवल तीन मतों के साथ चुनाव लड़ना व्यर्थ होता। वहीं सपा पार्षद कीर्ति घोपला ने कहा कि उन्हें चुनाव की जानकारी देर से मिली, जिससे तैयारी नहीं हो सकी।

जल्द होगी बजट बैठक

चुनाव के बाद महापौर हरिकांत अहलूवालिया ने कहा कि अब कार्यकारिणी पूरी हो गई है और जल्द ही बजट को लेकर बैठक बुलाई जाएगी। नए वित्तीय वर्ष से पहले 2026-27 का वार्षिक बजट पारित किया जाएगा, ताकि शहर के विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जा सके।