मेरठ। शहर के प्रमुख मिठाई कारोबारी रोहताश ग्रुप के प्रतिष्ठानों पर राज्य जीएसटी विभाग ने बड़े पैमाने पर छापेमारी की। विभाग की दस टीमों ने एक साथ ग्रुप के दस अलग-अलग स्थानों पर जांच अभियान चलाया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार करोड़ों रुपये की जीएसटी में गड़बड़ी सामने आई है। इस पूरे अभियान का नेतृत्व कर रहे जीएसटी कमिश्नर सुशील कुमार सिंह ने इसे विभाग की अब तक की सबसे व्यापक कार्रवाई बताया।

टीमों ने आनंदपुरी, गंगानगर, साकेत, देवपुरी और विश्वकर्मा रोड स्थित प्रतिष्ठानों और गोदामों में स्टॉक और दस्तावेजों की गहन जांच की। आनंदपुरी स्थित मुख्य प्रतिष्ठान को जांच का केंद्र बनाया गया, जहां 16 अधिकारियों की टीम ने मोर्चा संभाला। जांच के दौरान बिक्री-खरीद के बिल, कंप्यूटर डेटा और संपत्ति से जुड़े दस्तावेज जुटाए गए। अधिकारियों ने मौके पर उपस्थित लोगों से दस्तावेजों की पुष्टि भी कराई।

जीएसटी विभाग के अनुसार, खरीद और बिक्री के रिकॉर्ड में करोड़ों रुपये की भारी गड़बड़ी पाई गई है। इसी वजह से रोहताश ग्रुप के मालिकों को शनिवार को पूछताछ के लिए कार्यालय बुलाया गया। विभाग अब कर वसूली की पूरी प्रक्रिया में जुटा हुआ है और दस्तावेजों के आधार पर विस्तार से जांच की जाएगी।

रोहताश ग्रुप की शुरुआत 1980 के दशक में देवपुरी की एक छोटी दुकान से हुई थी। समय के साथ इस कारोबार को नई ऊँचाइयों तक ले जाने में श्रीराम गुप्ता और श्रीनिवास का भी योगदान रहा। वर्तमान में संदीप, गौरव, रोहताश के पुत्र और दिलीप, श्रीनिवास के पुत्र, इस व्यवसाय को संभाल रहे हैं। उल्लेखनीय है कि परिवार के खिलाफ पहले भी रेलवे रोड थाने में विवाद दर्ज हो चुका है।

प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि लाखों रुपये की दिखावटी आय के पीछे करोड़ों की संपत्ति बनाई गई थी। टैक्स चोरी का पैसा बड़े पैमाने पर संपत्ति निर्माण और बिक्री में निवेश किया गया। ग्रुप की कई बेकरी और अन्य प्रतिष्ठान भी जांच के दायरे में हैं।

अधिकारियों ने बताया:
“रोहताश ग्रुप में टैक्स चोरी के गंभीर मामले मिले हैं। प्रारंभिक रैकी और जांच के बाद सभी गड़बड़ियां स्पष्ट हुईं। इसके बाद गंगानगर, देवपुरी और साकेत में पुन: जांच की गई। 10 स्थानों पर कार्रवाई की गई है।”
- हरिराम चौरसिया, जीएसटी कमिश्नर ग्रेड प्रथम

सुशील कुमार सिंह, जीएसटी कमिश्नर ग्रेड टू, ने कहा, “दो अतिरिक्त टीमों ने भी वरिष्ठ अधिकारियों के साथ संयुक्त रूप से कार्रवाई की। विभिन्न प्रतिष्ठानों और गोदामों का निरीक्षण किया गया और दस्तावेजों की जांच जारी है। शुरुआती आंकड़ों से अनुमान है कि बड़ी टैक्स चोरी सामने आई है।”