मेरठ। शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों में आवास एवं विकास परिषद की संभावित कार्रवाई को लेकर गहरा गुस्सा है। शनिवार को व्यापारियों ने एक आम सभा बुलाई और सेंट्रल मार्केट को अनिश्चितकाल के लिए बंद करने तथा 21-22 फरवरी को पूरे मेरठ में हड़ताल का ऐलान किया। इस दौरान कुछ व्यापारियों ने भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के सामने असंतोष जताया, जिससे वे असहज महसूस हुए। शास्त्रीनगर और आसपास के इलाके में भाजपा के समर्थक वोटरों की संख्या अधिक मानी जाती है।

व्यापारियों ने कहा कि वे वर्षों से भाजपा को वोट देते आए हैं, लेकिन अब उन्हें ऐसा प्रतीत हो रहा है कि उनके व्यापार को नुकसान पहुंचाने की योजना बनाई जा रही है। उन्होंने हापुड़ अड्डे पर सरकारी जमीन पर बने बाजार के मामले में उच्च न्यायालय के आदेश का जिक्र करते हुए राहत की मांग की।

व्यापार बचाओ संघर्ष समिति के पूर्व पार्षद सतीश गर्ग ने सभा में सभी व्यापारियों से एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने आवास एवं विकास परिषद के अधिकारियों पर मनमानी करने का आरोप लगाया। गर्ग ने बताया कि सेंट्रल मार्केट के लिए नई भवन निर्माण और विकास योजना तैयार की गई थी, जिसमें 18 मीटर चौड़ी सड़क पर बाजार स्थापित किया जा सकता था, लेकिन अब इस प्रस्ताव पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही।

सतीश गर्ग ने कहा कि तत्कालीन कमिश्नर हृषिकेश भास्कर यशोद और अन्य जनप्रतिनिधियों ने बाजार को न तोड़ने का भरोसा दिया था, लेकिन उनके लिखित आदेशों के बावजूद आवास विकास विभाग बाजार ध्वस्त करने पर तुला है।

व्यापारी नेता शैंकी वर्मा ने सभा में कहा कि यह संघर्ष केवल व्यापारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके परिवारों, खासकर महिलाओं के लिए भी अहम है। उन्होंने बताया कि 22 फरवरी को प्रधानमंत्री का मेरठ आगमन प्रस्तावित है, जबकि बाजार बंद रहेगा।

सुप्रीम कोर्ट में लोकेश खुराना की याचिका पर सुनवाई हुई, जिसमें न्यायाधीश जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति संदीप मेहता ने छह हफ्ते में बाजार के ध्वस्तीकरण के आदेश जारी किए। अगली सुनवाई 13 मार्च को होगी, जबकि आवास विकास विभाग को पहले कार्रवाई कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।

सभा के दौरान अलका मखीजा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर टिप्पणी की, जिससे भाजपा समर्थक असहज हो गए। वहीं, व्यापारी की पत्नी रजनी शर्मा ने चेतावनी दी कि यदि किसी निर्माण पर हथौड़ा चला तो वे आत्महत्या कर लेंगी।