मेरठ। रोहित उर्फ सोनू कश्यप की हत्या के विरोध में कश्यप समाज और सपा कार्यकर्ताओं ने मेरठ कमिश्नरी पर प्रदर्शन करने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने पूर्व सपा मंत्री और एमएलसी किरणपाल कश्यप सहित सभी को रोक लिया। विरोध प्रदर्शनकारियों ने दोपहर करीब एक बजे हाईवे पर धरना देकर आवाज उठाई। करीब आधे घंटे तक हाईवे जाम रहने के बाद पुलिस ने सभी को परतापुर थाने ले जाकर लगभग तीन घंटे नजरबंद रखा। शाम करीब पांच बजे उन्हें घर भेज दिया गया।
शुक्रवार को शामली, सहारनपुर और अन्य क्षेत्रों से आए कश्यप समाज और सर्व समाज चेतना मंच के कार्यकर्ता किरणपाल कश्यप के नेतृत्व में मेरठ कमिश्नरी पहुंच रहे थे। रास्ते में कंकरखेड़ा स्थित सरधना फ्लाईओवर के पास पुलिस ने उन्हें रोक दिया। रोक लगाए जाने पर कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया और मेरठ-करनाल हाईवे पर धरना देकर बैठ गए। इस दौरान करीब आधे घंटे तक यातायात बाधित रहा।
एमएलसी किरणपाल कश्यप ने पुलिस पर उठाए सवाल
किरणपाल कश्यप ने कहा कि सोनू कश्यप हत्या मामले में पुलिस ने पर्याप्त जांच नहीं की। उन्होंने आरोप लगाया कि हत्या में एक से अधिक लोग शामिल थे, लेकिन एक नाबालिग के अलावा किसी के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने मांग की कि पुलिस मामले में शामिल सभी आरोपियों को जल्द पकड़े और कड़ी कार्रवाई करे।
परतापुर थाने में नजरबंदी
धरने और हाईवे जाम के बाद पुलिस ने सभी कार्यकर्ताओं को परतापुर थाने ले जाकर नजरबंद किया। सपा जिलाध्यक्ष कर्मवीर गुमी और सरधना विधायक अतुल प्रधान भी थाने पहुंचे और एमएलसी से मुलाकात की। थाने में कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की। करीब तीन घंटे बाद पुलिस ने सभी को घर भेज दिया। इस दौरान धीरज प्रधान, सुरेंद्र कश्यप, गौरव कश्यप, बाबूराम कश्यप, डॉ. राजकुमार, राहुल, रामकिशन कश्यप, प्रदीप कश्यप समेत कई लोग नजरबंद रहे।
अपहरण की अफवाह और बाईपास पर जाम
सोनू कश्यप की बहन आरती के अपहरण की अफवाह फैल गई। कौशल विकास राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल के आवास पर परिजनों ने पुलिस को तहरीर दी। जांच में पता चला कि आरती मेरठ में धरने में शामिल होने गई थीं। इसी बीच सहारनपुर से मेरठ आ रहे कश्यप एकता क्रांति मिशन के कार्यकर्ताओं ने जानसठ बाईपास पर जाम लगाया। एसपी सिटी सत्य नारायण प्रजापत ने बताया कि आरती ने स्वयं एक वीडियो जारी कर अपहरण की अफवाह को खारिज किया है।