मिर्जापुर में दोस्ती के बहाने लोगों को धर्मांतरण के लिए फंसाने के मामले का मुख्य आरोपी, सरगना इमरान, दिल्ली एयरपोर्ट से इमिग्रेशन विभाग ने गिरफ्तार किया। उसे शुक्रवार रात ही हिरासत में लिया गया और बाद में दिल्ली पुलिस के हवाले किया गया। शनिवार सुबह मिर्जापुर पुलिस दिल्ली पहुंची और इमरान को ट्रांजिट रिमांड पर लेकर मिर्जापुर वापस लाई जा रही है। उसे पहले पटियाला कोर्ट में पेश किया जाएगा।

इमरान देश छोड़कर भाग सकता था, इसलिए लुक आउट नोटिस जारी
मिर्जापुर पुलिस ने बताया कि इमरान के खिलाफ पहले लुक आउट नोटिस जारी किया गया था, जिसकी मदद से उसे पकड़ना संभव हुआ। मिर्जापुर पुलिस अब उसे कोर्ट में पेश कर कानूनी कार्रवाई करेगी।

केस में यूपी पुलिस का सिपाही भी शामिल
जांच में यह भी सामने आया कि यूपी पुलिस के सिपाही इरशाद खां भी इस जाल में शामिल थे। आयरन फायर जिम का संचालन उनके निगरानी में होता था, जबकि कागजों पर जिम के संचालन का नाम फरीद अहमद का था। पुलिस ने पहले ही फरीद अहमद को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया था।

ड्यूटी के बाद जिम में 'धर्मांतरण' की साजिश
इरशाद खां गाजीपुर के गहमर के निवासी हैं और पहले मिर्जापुर के विभिन्न थानों में न्यायालय ड्यूटी पर तैनात रहे। वर्तमान में वे माधोसिंह रेलवे स्टेशन पर जीआरपी में कार्यरत थे। पुलिस के अनुसार, इरशाद ड्यूटी खत्म होने के बाद जिम में आता और जिम के संचालन में सक्रिय भूमिका निभाता था।

जिम में दोस्ती, प्यार और ब्लैकमेलिंग
पुलिस ने बताया कि आरोपी फरीद अहमद जिम में आने वाली लड़कियों से दोस्ती करता और उन्हें प्रेम जाल में फंसाकर वीडियो बनाता। इसके बाद वह उन्हें ब्लैकमेल करता और धर्मांतरण के लिए दबाव डालता।