मुजफ्फरनगर जनपद के जानसठ थाना क्षेत्र में वर्ष 2014 में हुए हत्या के प्रयास के एक पुराने मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने इस मामले में आठ आरोपियों को दोषी करार देते हुए प्रत्येक को सात-सात वर्ष के कठोर कारावास और पांच-पांच हजार रुपये के जुर्माने की सजा दी है।

यह निर्णय पुलिस की प्रभावी पैरवी और ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ अभियान के तहत की गई मजबूत कानूनी कार्रवाई के बाद आया है।


घटना का विवरण

यह मामला 21 सितंबर 2014 का है, जब गांव तिसंग निवासी मदन अपने पिता और पुत्र के साथ खेत पर गए थे। इसी दौरान गांव के ही आठ लोगों ने एकजुट होकर उन पर हमला कर दिया।

आरोप है कि हमलावरों ने लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से हमला किया, जबकि एक आरोपी ने तमंचे से फायर भी किया। हालांकि गोली लगने से मदन बाल-बाल बच गए। घटना के बाद आरोपियों ने उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी थी।

पुलिस कार्रवाई और मुकदमा

घटना के बाद पीड़ित की शिकायत पर जानसठ थाने में हत्या के प्रयास सहित कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने सभी नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर जांच शुरू की और बाद में न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।


‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत मजबूत पैरवी

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के निर्देशन में चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत पुलिस और अभियोजन पक्ष ने मामले में मजबूत पैरवी की। गवाहों को समय पर अदालत में पेश किया गया और ठोस साक्ष्य प्रस्तुत किए गए।

अदालत का फैसला

अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/FTC कोर्ट-1 ने सुनवाई के बाद सोनू, मोनू, चंदा, मंगलदास, संतरपाल, किरण सिंह, सहेंदर और योगेश को दोषी पाया।

अदालत ने सभी आठों दोषियों को सात-सात वर्ष के कठोर कारावास और पांच-पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।