मुजफ्फरनगर में धर्मांतरण और कथित लव जिहाद से जुड़े एक गंभीर मामले ने तूल पकड़ लिया है। गुरुवार को एक विधवा महिला कुछ हिंदूवादी संगठनों के साथ एसएसपी कार्यालय पहुंची और एसएसपी संजय कुमार वर्मा को शिकायती पत्र सौंपा। महिला ने एक व्यक्ति पर हिंदू पहचान छिपाकर प्रेमजाल में फंसाने, निकाह के जरिए धर्मांतरण कराने, लाखों रुपये की ठगी करने और लंबे समय तक धोखे में रखने के गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी ने भोपा थाना पुलिस को जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

2016 में हुई थी मुलाकात

पीड़िता का आरोप है कि वर्ष 2016 में उसकी मुलाकात एक व्यक्ति से हुई थी, जिसने खुद को हिंदू बताते हुए “राजीव बालियान” नाम से परिचय दिया। धीरे-धीरे विश्वास जीतने के बाद उसने शादी का प्रस्ताव रखा और बाद में कथित तौर पर यह कहकर मुस्लिम रीति से निकाह कराया कि वह हिंदू रीति-रिवाज से विवाह नहीं कर सकता।


महिला का दावा है कि वर्ष 2017 में उत्तराखंड के कलियर शरीफ में निकाह कराया गया, जहां आरोपी ने अपना नाम “अशफाक” बताया और बाद में उसका भी नाम बदलवा दिया गया।

धार्मिक दबाव और आर्थिक ठगी के आरोप

महिला ने आरोप लगाया कि बाद में उसे पता चला कि आरोपी पहले से शादीशुदा है और उसके बच्चे भी हैं। उसने यह भी दावा किया कि उस पर नमाज पढ़ने और रोजा रखने का दबाव बनाया गया। साथ ही बिना जानकारी के उसे मांसाहारी भोजन भी खिलाया गया।

पीड़िता के अनुसार आरोपी ने मकान बनवाने के नाम पर उससे करीब 30 लाख रुपये की रकम ले ली, जिसके लिए उसे नोएडा स्थित अपना फ्लैट तक लोन लेकर बेचना पड़ा।

चुनाव के दौरान खुली पहचान

शिकायत में यह भी कहा गया है कि ग्राम प्रधान चुनाव के दौरान आरोपी ने अपने पोस्टरों में “अशफाक राजू” नाम का इस्तेमाल किया, जिसके बाद उसकी असली पहचान सामने आई। जब महिला ने पैसे वापस मांगे तो आरोपी ने रकम लेने से ही इनकार कर दिया।


जांच के आदेश

पीड़िता ने आरोपी के मोबाइल फोन, सोशल मीडिया गतिविधियों और कथित नेटवर्क की गहन जांच की मांग की है। उसका आरोप है कि आरोपी सोशल मीडिया के जरिए हिंदू पहचान का इस्तेमाल कर अन्य महिलाओं को भी निशाना बनाने की कोशिश करता है।

एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने शिकायत पर संज्ञान लेते हुए भोपा थाना पुलिस को पूरे मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है और आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।