मुजफ्फरनगर जिला अस्पताल में व्यवस्थाओं को सुधारने और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने सख्त कदम उठाए हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. सुनील तेवतिया के निर्देश पर अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (ACMO) डॉ. अशोक कुमार ने अस्पताल की प्रशासनिक जिम्मेदारी संभालते हुए व्यापक बदलाव शुरू किए हैं।

अस्पताल में लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनात कर्मचारियों की ड्यूटी में फेरबदल किया गया है। प्रशासन का कहना है कि एक ही जगह पर वर्षों तक तैनाती के कारण भ्रष्टाचार और मिलीभगत की शिकायतें सामने आ रही थीं, जिन पर नियंत्रण जरूरी था। हाल ही में अस्पताल परिसर में एक ढाई वर्षीय बच्ची पर आवारा कुत्तों के हमले की घटना के बाद यह कार्रवाई और तेज कर दी गई।


सुरक्षा व्यवस्था में सख्ती

नई व्यवस्था के तहत ओपीडी क्षेत्र से सुरक्षा गार्डों को हटाकर उन्हें अस्पताल के 12 प्रमुख स्थानों पर तैनात किया गया है। एसीएमओ ने साफ निर्देश दिए हैं कि ड्यूटी से अनुपस्थित पाए जाने वाले गार्डों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इसके साथ ही मरीजों के नाम पर किसी भी प्रकार की दलाली या अनियमितता में शामिल लोगों पर भी कठोर कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।

सीसीटीवी और सफाई पर विशेष ध्यान

अस्पताल परिसर में लगे सभी सीसीटीवी कैमरों को 24 घंटे सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं। ई-रिक्शा के अनियंत्रित प्रवेश पर रोक लगाने, दिन में तीन बार सफाई सुनिश्चित करने और नर्सिंग स्टाफ से हर घंटे रिपोर्ट लेने की व्यवस्था भी लागू की गई है।


संवेदनशील विभागों में बदलाव

एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड और ऑपरेशन थिएटर जैसे संवेदनशील विभागों में लंबे समय से तैनात कुछ वार्ड बॉय को हटाकर अन्य स्थानों पर भेजा गया है। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि यह प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी और अन्य कर्मचारियों के स्थानांतरण भी किए जाएंगे।

अधिकारियों का कहना है कि इन बदलावों का उद्देश्य अस्पताल की व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी बनाना है, ताकि मरीजों को बेहतर सेवाएं मिल सकें।