मुजफ्फरनगर: सहारनपुर रोड पर स्थित श्री तिरूपति इंटरप्राइजेज फैक्ट्री में 6 फरवरी की सुबह हुए तनावपूर्ण घटनाक्रम के बाद पुलिस ने तीन प्रमुख आरोपियों बिल्लू राणा, विशाल सिंह और आशीष त्यागी सहित लगभग 100 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
फैक्ट्री मालिक अंशुल सिंघल और उत्कर्ष जैन ने शहर कोतवाली में दी तहरीर में बताया कि सुबह साढ़े दस बजे करीब 70 से 100 लोग दीवार फांदकर फैक्ट्री परिसर में घुस आए। आरोप है कि उन्होंने कर्मचारियों के साथ मारपीट की, गेट जबरन खोला और बाहर से पत्थरबाजी भी की। हमलावरों ने फैक्ट्री बंद कराने की धमकी दी और मालिकों को मिलने के लिए दबाव बनाया।
सूचना मिलने पर रोहाना पुलिस चौकी की टीम मौके पर पहुंची और फैक्ट्री में घुसे लोगों को बाहर निकाला। बावजूद इसके, बिल्लू राणा, आशीष त्यागी और विशाल सिंह के नेतृत्व में मौजूद भीड़ ने नारेबाजी और अभद्र व्यवहार जारी रखा। इस दौरान प्रदूषण नियंत्रण विभाग के कनिष्ठ अभियंता भी मौके पर आए और उन्होंने फैक्ट्री के सरकारी मानकों के अनुरूप संचालन और एनओसी की पुष्टि की। आरोप है कि उपद्रवियों ने अधिकारियों से भी अभद्रता की और फैक्ट्री बंद कराने की अवैध मांग की, साथ ही दो दिन में कार्रवाई न होने पर सड़कें बंद कर धरना देने की धमकी दी।
घटना से आक्रोशित उद्योगपतियों ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय वर्मा और जिलाधिकारी उमेश मिश्रा से मुलाकात कर नाराजगी जताई। उनका कहना था कि यदि उद्योगों में इसी तरह असुरक्षित माहौल बना रहा, तो कई औद्योगिक इकाइयां बंद हो सकती हैं। फेडरेशन ऑफ मुजफ्फरनगर कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के सचिव अभिषेक अग्रवाल के नेतृत्व में उद्यमियों ने इस मुद्दे पर प्रदर्शन भी किया।
वहीं, विशाल राणा ने कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर फैक्ट्री पर प्रदूषण फैलाने और मानकों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने ग्रामीणों के साथ मिलकर कहा कि उन्हें झूठे मामलों में फंसाया जा रहा है और मामले की त्वरित जांच होनी चाहिए।