जानसठ। कोतवाली परिसर में शनिवार को आयोजित संपूर्ण थाना समाधान दिवस में फरियादियों को उम्मीद के मुताबिक राहत नहीं मिल सकी। राजस्व विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की पर्याप्त मौजूदगी न होने के कारण कई शिकायतों का मौके पर निस्तारण नहीं हो पाया और बड़ी संख्या में लोग निराश होकर लौट गए।
थाना समाधान दिवस का उद्देश्य आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना था, लेकिन भूमि विवाद, सीमांकन, पैमाइश और कब्जे से जुड़े मामलों में राजस्व विभाग की सक्रिय भागीदारी नहीं दिखी। ऐसे मामलों को लेकर पहुंचे लोगों को अपनी शिकायतों के समाधान के लिए इंतजार करना पड़ा।

हालांकि पुलिस विभाग के अधिकारी पूरे समय मौजूद रहे और उन्होंने लोगों की समस्याएं सुनीं। पुलिस से संबंधित मामलों में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए। लेकिन जिन शिकायतों में राजस्व विभाग की भूमिका जरूरी थी, उनका तत्काल निस्तारण नहीं हो सका।
फरियादियों का कहना था कि यदि संबंधित विभागों के अधिकारी समाधान दिवस में मौजूद नहीं होंगे तो ऐसे आयोजनों का उद्देश्य अधूरा रह जाएगा। उन्होंने मांग की कि भविष्य में पुलिस और राजस्व विभाग के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया जाए ताकि जनता को एक ही स्थान पर प्रभावी समाधान मिल सके।

पुलिस अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि प्राप्त शिकायतों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी और राजस्व विभाग से जुड़े मामलों को संबंधित अधिकारियों के पास भेजा जाएगा।
समाधान दिवस के दौरान इंस्पेक्टर विनोद कुमार सिंह, वरिष्ठ उपनिरीक्षक रामवीर सिंह, उपनिरीक्षक दीपक शर्मा, उपनिरीक्षक पंकज शर्मा और उपनिरीक्षक प्रमोद कुमार सहित पुलिस विभाग के कई अधिकारी मौजूद रहे।