मुजफ्फरनगर के ककरौली इलाके में व्यापारी नरेश अग्रवाल के परिवार से जुड़े मारपीट के मामले ने तूल पकड़ लिया है। हालात को देखते हुए पुलिस ने कार्रवाई तेज करते हुए भाजपा के बेहड़ा सादात मंडल उपाध्यक्ष अशोक वर्मा और उनके दो बेटों वासु और अक्की को गिरफ्तार कर लिया है।

इससे पहले पुलिस ने पहले सिर्फ शांतिभंग की कार्रवाई की थी, लेकिन मामला बढ़ने और पलायन की चेतावनी के बाद अब गंभीर धाराओं में कार्रवाई करते हुए आरोपियों का चालान किया गया है। सीओ भोपा देवव्रत वाजपेयी के अनुसार, जिन धाराओं में पहले एफआईआर दर्ज की गई थी, उन्हीं के तहत अब गिरफ्तारी की गई है।
उधर, पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष जिया चौधरी एडवोकेट सहित 13 नेताओं को पुलिस ने रास्ते में ही रोक दिया। सभी कार्यकर्ता गांव की ओर बढ़ने पर अड़े रहे, जिसके बाद पुलिस उन्हें थाने ले आई। वहां नारेबाजी करने पर सभी का शांतिभंग की आशंका में चालान कर दिया गया और बाद में उन्हें थाने से ही जमानत पर छोड़ दिया गया।
इसी बीच, आजाद समाज पार्टी और अन्य सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें समर्थन देने का आश्वासन दिया।
पूरा मामला बुधवार का बताया जा रहा है, जब नरेश अग्रवाल और उनके परिजनों के साथ कथित रूप से भाजपा नेता अशोक वर्मा और उनके बेटों ने घर में घुसकर मारपीट की थी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया था।
पीड़ित पक्ष ने पुलिस पर शुरू में हल्की धाराओं में केस दर्ज करने और कार्रवाई में देरी का आरोप लगाया था। इसके विरोध में परिवार ने धरना भी दिया और घर पर पलायन संबंधी पोस्टर लगाए थे। इसके बाद प्रशासन हरकत में आया और कार्रवाई को तेज किया गया।