खतौली: ममता हत्याकांड में पुलिस ने आरोपी संदीप नामदेव को गिरफ्तार कर हत्या का पूरा सच उजागर कर दिया है। मोहल्ला होली चौक पक्का बाग निवासी संदीप ने प्रेम संबंध और पैसे ऐंठने के शक में ममता की हत्या की। आरोपी ने महिला को नशीली चाय पिला कर उसके मुंह और नाक दबाकर मार डाला।
हत्या की कहानी
सीओ राम आशीष यादव के अनुसार पूछताछ में संदीप ने बताया कि उसकी पत्नी की 2012 में मौत हो गई थी। इसके बाद वह खतौली में एक सेंटर से टिफिन लाकर खाता था, जहाँ ममता खाना बनाती थी। घर आकर खाना बनाने के बहाने उसने ममता का नंबर लिया।
शुरुआत में ममता ने कहा कि उसका पति परेशान रहता है और वह अपनी व्यक्तिगत बातें साझा नहीं करेगी। धीरे-धीरे संदीप और ममता के बीच प्रेम संबंध बन गए। इस दौरान ममता कई बार संदीप से पैसे भी ले चुकी थी। संदीप को लगा कि ममता उसे धोखा देकर पैसे ऐंठ रही है, इसलिए उसने हत्या की योजना बनाई।
हत्या का तरीका
संदीप ने 10 जनवरी को ममता को घर बुलाया और उसकी चाय में नशीली गोली मिलाई। बेहोश होने के बाद उसने ममता का मुंह और नाक दबाकर और चेहरे पर टेप लगाकर दम घुटने से उसकी हत्या कर दी।
शव को नष्ट करने का प्रयास
हत्या के बाद संदीप ने शव को बेडशीट में लपेटकर गंगनहर में फेंकने की कोशिश की। रास्ते में गाड़ी आने के कारण वह शव को रेलिंग और दीवार के बीच छोड़कर भाग गया।
शव तीन दिन तक पड़ा रहा
ममता की हत्या 10 जनवरी को हुई थी, लेकिन शव तीन दिन तक गंगनहर कांवड़ पटरी मार्ग पर पड़ा रहा, जबकि यह क्षेत्र लोगों के आवागमन वाला और पुलिस गश्त वाला था।
सीसीटीवी और कॉल डिटेल्स से खुला राज
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाली, जिसमें आरोपी शव को रेहड़े पर ले जाते दिखा। कॉल डिटेल में भी आरोपी की महिला से सबसे अधिक बातचीत थी। हत्या के बाद संदीप ने पुलिस को गुमराह करने के लिए महिला के परिचित नितिन जैन को फोन किया और लगभग 30–35 सेकंड तक “हैलो हैलो” बोलकर शक कम करने की कोशिश की। इसके बाद उसने मोबाइल फोन तोड़ कर नहर में फेंक दिया।
लापता होने की सूचना
ममता दस जनवरी को शाम पांच बजे घर से काम की तलाश में निकली थी। लगभग एक घंटे बाद उसने अपनी पुत्री को फोन कर कहा कि वह बुआड़ा मार्ग पर है और जल्द ही घर पहुँच जाएगी। इसके बाद उसका फोन बंद हो गया। पति कृष्णपाल ने बेटी सिमरन के साथ थाने जाकर गुमशुदगी दर्ज कराई। 14 जनवरी को महिला का शव गंगनहर कांवड़ पटरी मार्ग पर मिला।