मुजफ्फरनगर में मंगलवार को राज्यमंत्री कपिलदेव अग्रवाल ने जिला अस्पताल का दौरा कर कुत्तों के हमले में घायल बच्ची का हालचाल जाना। इस दौरान अस्पताल की व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए उन्होंने कई खामियों पर नाराजगी जताई और अधिकारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान मंत्री की नजर अस्पताल परिसर में मौजूद पुरानी और जर्जर इमारतों पर पड़ी। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS) डॉ. संजय वर्मा से सवाल किया कि जब सरकार पुनर्निर्माण और मरम्मत के लिए बजट उपलब्ध करा रही है, तब भी दशकों पुराने भवनों के पुनर्निर्माण का प्रस्ताव शासन को क्यों नहीं भेजा गया।


मंत्री ने कहा कि अस्पताल परिसर में कई इमारतें 50 वर्ष से अधिक पुरानी हैं और उनकी स्थिति चिंताजनक है। उन्होंने चेतावनी दी कि CMS कार्यालय समेत कई भवन किसी भी समय दुर्घटना का कारण बन सकते हैं, इसलिए इनके पुनर्निर्माण की प्रक्रिया में देरी नहीं होनी चाहिए।

अधिकारियों ने तकनीकी कर्मचारियों और जूनियर इंजीनियर (JE) की कमी को कारण बताया। इस पर मंत्री ने असंतोष जताते हुए कहा कि यदि स्वास्थ्य विभाग के पास पर्याप्त तकनीकी संसाधन नहीं थे, तो लोक निर्माण विभाग (PWD) की सहायता लेकर भी प्रस्ताव तैयार किए जा सकते थे। उन्होंने पूछा कि वर्षों से इस दिशा में कोई ठोस कदम क्यों नहीं उठाया गया।

अस्पताल भ्रमण के दौरान एक सार्वजनिक शौचालय बंद मिला, जिस पर ताला लगा हुआ था। इसे देखकर मंत्री ने अधिकारियों को फटकार लगाई और तत्काल शौचालय खुलवाने का निर्देश दिया। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि आम मरीजों और तीमारदारों को शौचालय की सुविधा नियमित रूप से उपलब्ध हो तथा उसकी साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए।


मंत्री का यह निरीक्षण उस समय हुआ जब वे घायल बच्ची से मुलाकात के बाद अस्पताल परिसर से लौट रहे थे। मौके पर ही उन्होंने कई व्यवस्थाओं की समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए।

अस्पताल में निरीक्षण के दौरान मंत्री और CMS के बीच हुई बातचीत तथा अधिकारियों को लगाई गई फटकार के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। जिलेभर में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।