मुजफ्फरनगर के मखियाली, चांदपुर और मुझेड़ा गांवों में प्रदूषण की बढ़ती समस्या को लेकर सदर विधायक एवं प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने कड़ा रुख अपनाया है। शुक्रवार शाम आयोजित एक बैठक में उन्होंने ग्रामीणों, उद्योग प्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और प्रदूषण नियंत्रण विभाग के अधिकारियों के साथ क्षेत्र की स्थिति की समीक्षा की।
बैठक के दौरान ग्रामीणों ने विशेष रूप से पेपर मिलों से फैल रहे प्रदूषण और उसके कारण हो रही परेशानियों को उठाया। लोगों ने बताया कि प्रदूषण का असर पर्यावरण के साथ-साथ आमजन के स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि क्षेत्रवासियों के स्वास्थ्य और स्वच्छ वातावरण के साथ किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।

उन्होंने क्षेत्र में संचालित पेपर मिलों समेत सभी औद्योगिक इकाइयों को प्रदूषण नियंत्रण संबंधी नियमों और मानकों का पूरी तरह पालन करने के निर्देश दिए। साथ ही चेतावनी दी कि यदि किसी उद्योग द्वारा निर्धारित मानकों की अनदेखी की गई या प्रदूषण फैलाने की शिकायत सही पाई गई, तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री ने प्रदूषण नियंत्रण विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों को भी निर्देशित किया कि औद्योगिक इकाइयों की नियमित निगरानी की जाए और ग्रामीणों की शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए। बैठक में वायु एवं जल प्रदूषण, औद्योगिक कचरा प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।

कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि औद्योगिक विकास क्षेत्र की जरूरत है, लेकिन यह विकास पर्यावरण और जनस्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाकर नहीं होना चाहिए। उन्होंने उद्योग संचालकों से सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए पर्यावरणीय नियमों का पूरी तरह पालन करने की अपील की।
बैठक में भाजपा नेता जितेंद्र कुच्छल, हरेंद्र पाल, अमित शास्त्री, विशाल, सुनील और वीरपाल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।