शामली। जिले के शहरी कोतवाली क्षेत्र में दिल्ली रोड स्थित एक निजी नशा मुक्ति केंद्र से देर रात बड़ा मामला सामने आया, जहां 19 युवक जंगला तोड़कर फरार हो गए। घटना के बाद केंद्र में अफरा-तफरी मच गई। संचालकों और कर्मचारियों ने तुरंत तलाश शुरू की और भागे हुए पांच युवकों को पकड़ लिया, जबकि 14 अन्य का अभी तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है।

जानकारी के अनुसार, गांव लिलौन स्थित जीवन नशा मुक्ति केंद्र में कुल 30 युवक नशा छोड़ने के उपचार के लिए भर्ती थे। देर रात ऊपरी मंजिल पर मौजूद कुछ युवकों ने चादर की मदद से जंगले की जाली को तोड़ा और एक-एक कर बाहर निकलकर भाग गए।

घटना की सूचना मिलते ही केंद्र प्रबंधन हरकत में आया और आसपास के क्षेत्रों में युवकों की तलाश शुरू की गई। काफी प्रयासों के बाद पांच युवक वापस मिल गए, लेकिन बाकी 14 युवक शुक्रवार देर शाम तक नहीं मिले।

घटना के बाद परिजनों में आक्रोश देखने को मिला। कई परिजन केंद्र पर पहुंचे और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए हंगामा किया। उनका आरोप था कि केंद्र प्रशासन ने घटना की जानकारी समय पर नहीं दी, जिससे चिंता और बढ़ गई। परिजनों ने कहा कि यदि किसी युवक के साथ कोई अनहोनी होती है तो इसकी जिम्मेदारी केंद्र प्रशासन की होगी।

मामले की सूचना पुलिस को भी दी गई, जिसके बाद कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति की जानकारी ली।

बुढ़ाना क्षेत्र के गांव राजपुर छाजपुर निवासी सोहन सिंह ने बताया कि वह अपने भाई से मिलने केंद्र पहुंचे थे, लेकिन उन्हें बताया गया कि उनका भाई वहां से भाग चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस बारे में पहले से कोई सूचना नहीं दी गई, जिसके बाद उन्होंने पुलिस को जानकारी दी।

इस पूरे मामले पर एएसपी सुमित शुक्ला ने बताया कि घटना संज्ञान में है और पांच युवकों को वापस लाया गया है। उन्होंने कहा कि अभी तक कोई औपचारिक तहरीर प्राप्त नहीं हुई है, तहरीर मिलने पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

घटना के बाद नशा मुक्ति केंद्र की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। परिजनों का आरोप है कि केंद्र में पर्याप्त सुरक्षा कर्मी तैनात नहीं थे और निगरानी भी कमजोर थी। उनका कहना है कि सीसीटीवी फुटेज में युवक बाहर निकलते हुए दिखाई दे रहे हैं, लेकिन उन्हें रोकने की कोई व्यवस्था नहीं थी।

स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि केंद्र में केवल एक कर्मचारी की ड्यूटी होने के कारण सुरक्षा व्यवस्था बेहद कमजोर थी।

केंद्र संचालिका का पक्ष

नशा मुक्ति केंद्र की संचालिका पारूल बेनीवाल ने बताया कि केंद्र में मरीजों की देखभाल और सुरक्षा के पूरे इंतजाम किए गए हैं। उन्होंने कहा कि गर्मी के कारण कुछ बेड नीचे शिफ्ट किए गए थे, जबकि बाकी युवक ऊपर की मंजिल पर थे। इसी दौरान कुछ युवक भाग निकले।

उन्होंने बताया कि पांच युवकों को वापस ले आया गया है, जबकि बाकी की तलाश पुलिस और परिजनों के सहयोग से की जा रही है।