मुजफ्फरनगर में किसानों की फसल उत्पादन क्षमता बढ़ाने और मिट्टी की सेहत सुधारने के उद्देश्य से कृषि विभाग ने शुक्रवार को विशेष अभियान चलाया। यह अभियान नेशनल प्रोजेक्ट ऑन सॉयल हेल्थ एंड फर्टिलिटी के तहत जिले की चयनित 36 ग्राम पंचायतों में संचालित किया गया, जिसमें विभिन्न खेतों से मृदा नमूने एकत्र किए गए।
अभियान के दौरान उप कृषि निदेशक प्रमोद कुमार सिरोही ने विकासखंड जानसठ की ग्राम पंचायत सलारपुर में किसान वली मोहम्मद के खेत का निरीक्षण किया और स्वयं मिट्टी का नमूना एकत्र कराया। इस मौके पर उन्होंने किसानों को मृदा परीक्षण के महत्व और संतुलित उर्वरक उपयोग की जानकारी दी।

उप कृषि निदेशक ने किसानों से अपील की कि वे मृदा परीक्षण के बाद मिलने वाले मृदा स्वास्थ्य कार्ड की सिफारिशों के अनुसार ही खाद और उर्वरकों का उपयोग करें। इससे जहां खेती की लागत में कमी आएगी, वहीं भूमि की उर्वरता भी लंबे समय तक बनी रहेगी और उत्पादन में सुधार होगा।

उन्होंने बताया कि इस अभियान में एकत्र किए गए सभी नमूनों की वैज्ञानिक जांच की जाएगी। इसके बाद किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे वे अपनी भूमि की वास्तविक जरूरत के अनुसार कृषि निवेश का बेहतर उपयोग कर सकेंगे।