मुजफ्फरनगर। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने फर्जी कॉल कर लोगों को झांसे में लेकर यूपीआई के जरिये लाखों रुपये की ठगी करने वाले एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से धोखाधड़ी में इस्तेमाल किए गए दो मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक, इस गिरोह के जरिए अब तक 30 लाख रुपये से अधिक की ठगी की जा चुकी है।
एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि गृह मंत्रालय के ऑनलाइन पोर्टल पर साइबर धोखाधड़ी से जुड़ी कई शिकायतें सामने आई थीं। जांच के दौरान यह सामने आया कि ठगी में इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर और बैंक खाते मुजफ्फरनगर जिले से संचालित हो रहे थे। इसके बाद साइबर क्राइम थाना पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू की।
जांच के आधार पर पुलिस ने भौराकलां थाना क्षेत्र के गांव सावटू निवासी विजय कुमार को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि ऑनलाइन गेमिंग में करीब पांच लाख रुपये गंवाने के बाद वह आर्थिक संकट में आ गया था। नुकसान की भरपाई के लिए उसे अपनी दो बीघा जमीन तक बेचनी पड़ी। इसी दबाव में उसने साइबर अपराधियों से संपर्क कर ठगी के इस नेटवर्क में शामिल होने का फैसला किया।
आरोपी ने बताया कि शुरुआत में उसने अपने मोबाइल नंबर और बैंक खातों का इस्तेमाल कर ऑनलाइन धोखाधड़ी की। जब अलग-अलग राज्यों में शिकायतें दर्ज होने लगीं और उसके खाते फ्रीज हो गए, तो उसने अपने भाई और मां के बैंक खातों और मोबाइल नंबरों का सहारा लेना शुरू कर दिया। टेलीग्राम के जरिए वह साइबर ठगों के संपर्क में रहता था और फर्जी कॉल कर लोगों से पैसा ट्रांसफर कराता था।
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी के दो मोबाइल नंबरों और दो बैंक खातों पर अब तक 15 शिकायतें दर्ज हैं, जबकि बरामद मोबाइल फोन में लिंक ई-मेल आईडी से जुड़े नंबर पर 41 अन्य शिकायतें पाई गई हैं। बीते दो महीनों में केवल एक खाते के जरिए करीब 30 लाख रुपये का लेनदेन हुआ है। अन्य खातों की भी जांच जारी है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ अब तक करीब एक करोड़ रुपये से अधिक की साइबर ठगी की शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं। फिलहाल गिरफ्तार आरोपी का चालान कर आगे की कार्रवाई की जा रही है और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।