मुजफ्फरनगर में एक कथित अपहरण मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुए चौंकाने वाला सच सामने लाया है। खालापार थाना पुलिस ने लापता बताए जा रहे महेश कुमार को सुरक्षित बरामद कर लिया है। जांच में सामने आया कि 11 लाख रुपये के लेनदेन से बचने के लिए उसने खुद ही अपने अपहरण की झूठी कहानी रची थी।

एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि मामले की शुरुआत सुजडू निवासी अनिल कुमार की शिकायत से हुई थी। शिकायत में कहा गया था कि उनके पिता महेश कुमार 21 अप्रैल 2026 को घर से निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। परिजनों ने उनके अपहरण की आशंका जताई थी, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।


पुलिस ने तकनीकी और अन्य जांच के आधार पर महेश कुमार को 26 मई को सकुशल ढूंढ निकाला। पूछताछ में सामने आया कि महेश ने वर्ष 2011 में अपनी दुकान का बैनामा किया था, लेकिन बाद में उसी संपत्ति को दोबारा बेचने के नाम पर करीब 11 लाख रुपये बतौर बयाना ले लिया था। जब सामने वाले पक्ष ने पैसे लौटाने और सौदा पूरा करने का दबाव बनाया, तो उसने खुद के लापता होने और अपहरण की साजिश रच डाली।

जांच में यह भी सामने आया कि वह कुछ दिनों तक पंजाब के अमृतसर स्थित एक सत्संग स्थल पर छिपा रहा और बाद में मुजफ्फरनगर लौट आया। इसी दौरान पुलिस ने उसे रुड़की रोड पर एक कार्यक्रम के दौरान पकड़ लिया।

एसएसपी ने बताया कि पूरे मामले में अब आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि इस झूठी कहानी के पीछे और कौन लोग शामिल हो सकते हैं।