मुजफ्फरनगर। सिविल लाइन थाना क्षेत्र के रैदासपुरी मोहल्ले में 30 वर्षीय मोनू, जो पेशे से हलवाई था, की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। परिजनों ने उसकी पत्नी पर जहर देकर हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है, जबकि पत्नी पक्ष ने इन आरोपों को खारिज किया है।
जानकारी के अनुसार, रविवार देर रात मोनू की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद परिजन उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए मेरठ रेफर कर दिया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। सोमवार को परिजन शव को लेकर घर लौट आए।

शव घर पहुंचते ही माहौल तनावपूर्ण हो गया। इसी दौरान मृतक की पत्नी अपने मायके पक्ष के लोगों के साथ वहां पहुंची, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया और हाथापाई तक की नौबत आ गई। सूचना पर पहुंची सिविल लाइन थाना पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया और मृतक की पत्नी को पूछताछ के लिए थाने ले जाया गया।
मृतक की मां सुकरमा का आरोप है कि 2018 में हुई शादी के बाद से ही घरेलू विवाद चल रहा था। उनका कहना है कि रविवार रात हुए झगड़े के बाद उनकी पुत्रवधू ने मोनू को जहर दिया। परिवार का यह भी दावा है कि पहले भी महिला की ओर से लगाए गए आरोपों के चलते मामला दर्ज हुआ था, जिसमें मोनू और उसके परिजनों को जेल जाना पड़ा था।
वहीं, मृतक के भाई अभिषेक ने कहा कि दोनों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। उनके अनुसार, यह स्पष्ट नहीं है कि जहर किसने दिया या मोनू ने स्वयं सेवन किया। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
पुलिस के अनुसार, मामले में तहरीर प्राप्त कर ली गई है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।