मुजफ्फरनगर के स्वामी कल्याण देव जिला चिकित्सालय में हृदयघात के मरीजों के लिए जल्द ही स्टेमी केयर सुविधा शुरू की जाएगी। इस व्यवस्था के शुरू होने के बाद गंभीर हार्ट अटैक मरीजों को तुरंत हायर सेंटर रेफर करने के बजाय जिला अस्पताल में ही विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में करीब एक से डेढ़ घंटे तक प्राथमिक उपचार दिया जा सकेगा।


अधिकारियों के अनुसार, जिले के प्रमुख मार्गों पर स्थित सीएचसी और पीएचसी पर 28 ईसीजी मशीनें लगाई गई हैं, जिससे मरीज की स्थिति का शुरुआती स्तर पर ही आकलन किया जा सकेगा। इससे समय रहते गंभीर मामलों की पहचान आसान होगी।

फिलहाल जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना 50 से अधिक हृदय रोगी इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। हालांकि हार्ट यूनिट में पिछले करीब डेढ़ साल से विशेषज्ञ डॉक्टर की कमी के चलते गंभीर मरीजों को भर्ती करने के बजाय सीधे रेफर करना पड़ रहा है। स्टेमी केयर शुरू होने के बाद यह स्थिति बदलने की उम्मीद है।

सीएमएस डॉ. संजय वर्मा ने बताया कि आपातकालीन विभाग में स्टेमी केयर सेंटर स्थापित किया जाएगा। स्टेमी (एसटी-सेगमेंट एलिवेशन मायोकार्डियल इंफार्क्शन) हार्ट अटैक की एक गंभीर स्थिति होती है, जिसमें हृदय की मुख्य धमनियों में रुकावट आ जाती है और ऑक्सीजन की आपूर्ति बाधित हो जाती है। ऐसे में तत्काल उपचार बेहद जरूरी होता है।

सीएमओ डॉ. सुनील तेवतिया ने बताया कि सीएचसी और पीएचसी स्तर पर डॉक्टरों व पैरामेडिकल स्टाफ को स्टेमी हार्ट अटैक की पहचान के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके साथ ही जिला अस्पताल में स्ट्रेप्टोकाइनेज इंजेक्शन उपलब्ध कराया गया है, जिसकी कीमत बाजार में करीब 40 हजार रुपये होती है। यह दवा रक्त के थक्कों को घोलकर रक्त प्रवाह को बहाल करने में मदद करती है और मरीज की जान बचाने में अहम भूमिका निभाती है।