मुजफ्फरनगर: 17 वर्षीय उजैफा उर्फ मन्नू के पिछले 46 दिनों से लापता होने के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। मंगलवार को पीड़ित परिवार ने एसएसपी कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया और पुलिस से मामले की जांच तेज करने तथा सच्चाई सामने लाने की मांग की।

प्रदर्शन के दौरान परिजन बेहद भावुक नजर आए। उजैफा की बहनें और अन्य परिजन लगातार उसकी वापसी की गुहार लगाते रहे। परिवार का कहना है कि डेढ़ महीने से वे हर दिन उम्मीद लगाए बैठे हैं, लेकिन समय बीतने के साथ चिंता और बेचैनी बढ़ती जा रही है।


परिजनों द्वारा दी गई शिकायत के अनुसार, उजैफा 16 मई 2026 को कुछ परिचित युवकों के साथ नहर पर नहाने गया था। देर शाम उसके साथ गए युवक उसकी मोटरसाइकिल लेकर घर लौटे और बताया कि वह नहर में डूब गया है। इसके बाद थाना सिखेड़ा में मामला दर्ज किया गया था।

परिवार का आरोप है कि इतने दिनों बाद भी न तो किशोर का कोई सुराग मिला है और न ही घटना की पूरी सच्चाई स्पष्ट हो सकी है। उनका कहना है कि जिन युवकों के साथ वह आखिरी बार देखा गया था, उनसे ठीक से पूछताछ नहीं की गई और न ही नहर क्षेत्र में प्रभावी सर्च ऑपरेशन चलाया गया।

परिजनों ने मांग की है कि मामले की जांच किसी अन्य वरिष्ठ अधिकारी या थाने को सौंपी जाए और संबंधित युवकों को हिरासत में लेकर गहन पूछताछ की जाए, ताकि वास्तविकता सामने आ सके। प्रदर्शन के दौरान महिलाएं और परिवारजन उजैफा की तस्वीरें लेकर न्याय की मांग करते दिखे।


स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन से सवाल किया कि आखिर 46 दिन बीत जाने के बाद भी एक किशोर का कोई सुराग क्यों नहीं मिल पा रहा है।

सीओ मंडी राजू कुमार ने मौके पर पहुंचकर परिजनों से बातचीत की और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया। हालांकि परिवार ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कोई ठोस प्रगति नहीं हुई तो 4 जुलाई से एसएसपी कार्यालय पर फिर से अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा।