समाचार है कि पौराणिक तीर्थ नगरी शुक्रताल में फीरोजाबाद मार्ग स्थित संत कबीरदास आश्रम के महंत परीक्षकदास की 15/16 जुलाई की रात्रि को बदमाशों ने हत्या कर दी और आगामी 15 अगस्त को होने वाले संत सम्मेलन के लिए एकत्र चंदे की पचास हजार की धनराशि लूट कर ले गये। आश्रम के समीप रहने वाले कुछ लोगों ने पुलिस को बताया कि हत्याकांड वाले दिन एक अज्ञात व्यक्ति आश्रम में आया था और उसने अपने दो साथियों को भी आश्रम में बुला लिया था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार तीनों ने आश्रम में ही भोजन किया था। सम्भवत: ये तीनों ही रात्रि में आश्रम में रुके होंगे और इन्होंने ही यह जघन्य कुकृत्य किया होगा।
संत की हत्या से तीर्थनगरी में शोक-रोष छाया हुआ है। पुलिस ने अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी की संभावना प्रकट की है। सभी की कामना है कि पुलिस का वायदा पूर्ण हो और दोषी कानून के शिकंजे में आ जायें।
यह कड़वी सच्चाई है कि तीर्थनगरी आपराधिक कुकृत्यों से अछूती नहीं है। शुकतीर्थ में कभी संतो व पुजारियों की हत्यायें हो जाती हैं तो कभी संत के वेश में छिपे अपराधी झगड़े व अवैध कब्जे की गैरकानूनी हरकते करते हैं। शुक्रताल आये तीर्थ यात्रियों व उनके वाहनों की लूटपाट करने की घटनायें तो होती ही रहती हैं।
शासन की नीति शुक्रताल के विकास की है। विकास के साथ-साथ आपराधिक घटनाओं की आशंकाएं भी बढ़ेगी। अतः राज्य सरकार से हमारा अनुरोध है कि शुक्रताल में सुरक्षा तथा अपराधों की रोकथाम की विशेष व्यवस्था की जाए। आशा है कि जनपद के मंत्रीगण एवं जिला पंचायत अध्यक्ष तथा अन्य जनप्रतिनिधि शासन से इस आशय का आग्रह अवश्य करेंगे।
गोविंद वर्मा
संपादक देहात