मुजफ्फरनगर के नई मंडी कोतवाली क्षेत्र स्थित जानसठ रोड पर संगम विहार के एक निजी अस्पताल में शुक्रवार दोपहर उस समय हंगामा हो गया जब मरीज के परिजनों ने इलाज और ऑपरेशन में लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए। मामला बढ़ने पर अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, सहारनपुर के देवबंद क्षेत्र के गांव अमरपुर गढ़ी निवासी प्रदीप (पुत्र ताराचंद) को जनवरी में पेट दर्द की शिकायत हुई थी। प्रारंभिक जांच में उनके पित्ताशय (गॉलब्लैडर) में पथरी होने की पुष्टि के बाद परिजन उन्हें उपचार के लिए मुजफ्फरनगर लेकर आए थे।

ऑपरेशन के बाद बिगड़ी तबीयत का आरोप
परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में 15 जनवरी को मरीज का लेप्रोस्कोपिक (दूरबीन विधि) ऑपरेशन किया गया, लेकिन इसके बाद भी उनकी स्थिति में सुधार नहीं हुआ। परिवार का कहना है कि ऑपरेशन के बाद दर्द कम होने के बजाय बढ़ता गया और पेट में सूजन व गांठ जैसी समस्या भी सामने आई।
करीब डेढ़ महीने तक इलाज के दौरान स्थिति में सुधार न होने पर मरीज को बाद में एम्स ऋषिकेश रेफर किया गया।
एम्स में लापरवाही की बात बताने का दावा
मरीज की पत्नी संजो का आरोप है कि एम्स ऋषिकेश के डॉक्टरों ने जांच के बाद ऑपरेशन में लापरवाही की संभावना जताई। इसके बाद परिजन दोबारा संबंधित अस्पताल पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई।

परिजनों का कहना है कि शिकायत करने पर अस्पताल के डॉक्टर से बहस हुई और कथित रूप से उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। इसी बात से नाराज होकर परिजन और उनके साथ आए लोग अस्पताल में विरोध करने लगे, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
पुलिस ने संभाला मामला
हंगामे की सूचना मिलते ही नई मंडी कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों से बातचीत कर स्थिति को शांत कराया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यदि किसी भी पक्ष की ओर से लिखित शिकायत मिलती है तो मामले की जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।