मुजफ्फरनगर में सोमवार को आयोजित एक बड़े कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कई विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने मंच से विभिन्न मुद्दों पर अपनी बात रखते हुए कानून-व्यवस्था, विकास और सामाजिक एकता को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं को दोहराया।

सीएम ने कहा कि जो लोग प्रदेश में अराजकता या अपराध फैलाने की कोशिश करते हैं, उनके लिए अब कोई जगह नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री की नीतियों के चलते देश में ऊर्जा संसाधनों की स्थिति अपेक्षाकृत स्थिर बनी हुई है और वैश्विक स्तर पर बढ़ती महंगाई के बावजूद भारत में हालात नियंत्रण में हैं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि सरकार लगातार आम जनता तक राहत पहुंचाने के लिए प्रयासरत है।

मुख्यमंत्री ने यह संदेश भी दिया कि देश में शांति और स्थिरता का माहौल बना हुआ है, इसलिए इसे किसी भी तरह की राजनीतिक अशांति में नहीं बदलना चाहिए। उन्होंने कहा कि सेना और राष्ट्रीय महापुरुष पूरे देश के होते हैं और उन्हें किसी जाति या वर्ग के दायरे में नहीं बांधा जाना चाहिए।
951 करोड़ की परियोजनाओं की सौगात
इस दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने मुजफ्फरनगर जिले को बड़ी सौगात देते हुए करीब 951 करोड़ रुपये की 423 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इसके साथ ही उन्होंने कौशल विकास से जुड़ी एक पुस्तक का विमोचन भी किया और रोजगार मेले की शुरुआत की, जिसमें हजारों युवाओं को नौकरी के अवसर मिलने की बात कही गई।

शहर के विकास और नई योजनाओं की घोषणा
सीएम ने संकेत दिया कि मुजफ्फरनगर को जल्द ही नगर निगम का दर्जा दिया जाएगा, जिससे शहर के विकास को नई गति मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्र की पहचान और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने की जरूरत है, जिससे किसानों और छोटे उद्योगों को लाभ मिल सके।

सुरक्षा और कानून-व्यवस्था पर जोर
उन्होंने कहा कि प्रदेश में पहले की तुलना में अब बेहतर कानून-व्यवस्था है और उद्योगों के लिए सुरक्षित माहौल तैयार किया गया है। सरकार श्रमिकों, उद्यमियों और सफाईकर्मियों सभी के हितों का ध्यान रख रही है और न्यूनतम वेतन तथा सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में काम कर रही है।
सामाजिक एकता पर संदेश
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि देश की एकता तभी मजबूत होती है जब समाज में विभाजन न हो। उन्होंने महापुरुषों के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि वे किसी एक वर्ग के नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के प्रेरणास्रोत हैं।

कार्यक्रम का माहौल और अन्य गतिविधियाँ
इस अवसर पर मंच से युवाओं को नियुक्ति पत्र भी वितरित किए गए। कार्यक्रम में लगभग 30 हजार लोगों की उपस्थिति रही। सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए थे, जिसमें पूरे क्षेत्र में पुलिस बल की तैनाती और ड्रोन से निगरानी शामिल रही।

कार्यक्रम के दौरान प्रशासनिक और राजनीतिक प्रतिनिधियों की मौजूदगी भी रही, जबकि मंच पर विभिन्न जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री का स्वागत और आभार व्यक्त किया।