उत्तर प्रदेश पुलिस ने सोमवार को नोएडा में चल रहे फैक्टरी मजदूरों के प्रदर्शन को लेकर सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक जानकारी के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। पुलिस ने अफवाह फैलाने के आरोप में दो सोशल मीडिया हैंडल के खिलाफ मामला दर्ज किया है और लोगों से अपील की है कि वे बिना पुष्टि के किसी भी जानकारी को साझा न करें।

बाहरी तत्वों के उकसावे का दावा

पुलिस के अनुसार, नोएडा के कई औद्योगिक क्षेत्रों में मजदूरों के प्रदर्शन दर्ज किए गए थे। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इन प्रदर्शनों को राज्य से बाहर के कुछ तत्वों द्वारा उकसाने की कोशिश की गई। हालांकि अधिकांश स्थानों पर स्थिति शांतिपूर्ण रही और केवल एक जगह पर तनाव की स्थिति बनी।

पुलिस ने स्पष्ट किया कि हालात को नियंत्रित करने के लिए न्यूनतम बल का प्रयोग किया गया और किसी भी तरह की गोलीबारी नहीं हुई।

प्रदर्शन के दौरान तनाव और नुकसान

जानकारी के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान कुछ स्थानों पर स्थिति बिगड़ गई, जिसमें आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं। इससे यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हुई। पुलिस ने इन घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है।

सोशल मीडिया पर अफवाहों पर कार्रवाई

पुलिस ने कहा है कि कुछ लोग सोशल मीडिया के जरिए गलत और भ्रामक सूचनाएं फैलाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे सभी मामलों पर नजर रखी जा रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

शांति बनाए रखने की अपील

पुलिस प्रशासन ने आम जनता से शांति बनाए रखने और किसी भी अपुष्ट खबर पर भरोसा न करने की अपील की है। साथ ही यह भी कहा गया है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त कदम उठाए जा रहे हैं।