वाराणसी में आयोजित 72वें राष्ट्रीय वॉलीबॉल टूर्नामेंट का उद्घाटन रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया। इस मौके पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित रहे। प्रतियोगिता में देशभर के विभिन्न राज्यों और संस्थानों की कुल 58 टीमें भाग ले रही हैं, जिनमें एक हजार से अधिक खिलाड़ी शामिल हैं।

कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंच से आयोजन की रूपरेखा प्रस्तुत की और खेलों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि खेल केवल समय बिताने का माध्यम नहीं, बल्कि शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास का सशक्त जरिया हैं। सरकार युवाओं को खेलों के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों का किया उत्साहवर्धन

वीडियो लिंक के जरिए कार्यक्रम से जुड़े प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘हर-हर महादेव’ के उद्घोष के साथ काशीवासियों और देश के विभिन्न हिस्सों से आए खिलाड़ियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि काशी के सांसद के रूप में खिलाड़ियों का इस ऐतिहासिक शहर में स्वागत करना उनके लिए गर्व का विषय है। प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने के लिए खिलाड़ियों ने कड़ी मेहनत की है और अब काशी की धरती पर अपनी प्रतिभा साबित करने का अवसर मिलेगा।

प्रधानमंत्री ने बताया कि इस टूर्नामेंट में 28 राज्यों की टीमें हिस्सा ले रही हैं, जो ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को दर्शाता है। उन्होंने सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वाराणसी खेल प्रेमियों का शहर है, जहां कुश्ती, एथलेटिक्स और अन्य खेलों की समृद्ध परंपरा रही है।

उन्होंने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ और यूपी कॉलेज जैसे शिक्षण संस्थानों का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां के छात्र राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का परचम लहरा चुके हैं। प्रधानमंत्री ने भरोसा जताया कि पूरे टूर्नामेंट के दौरान शहर का उत्साह और ऊर्जा बनी रहेगी।

वॉलीबॉल को बताया टीमवर्क का प्रतीक

प्रधानमंत्री मोदी ने वॉलीबॉल को संतुलन, सहयोग और सामूहिक जिम्मेदारी का खेल बताया। उन्होंने कहा कि इस खेल से टीम भावना, आपसी भरोसा और समन्वय का महत्व समझ में आता है। जैसे एक टीम तभी जीतती है जब हर खिलाड़ी अपनी भूमिका निभाता है, वैसे ही देश भी सामूहिक प्रयासों से आगे बढ़ता है।

उन्होंने यह भी कहा कि पहले खेलों को लेकर समाज और व्यवस्था में उदासीनता थी, लेकिन अब स्थिति बदल रही है। खेलों को करियर के रूप में अपनाया जा रहा है और सरकार ने इस क्षेत्र में बजट बढ़ाने के साथ पारदर्शी चयन व्यवस्था लागू की है।

प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों को काशी की संस्कृति और परंपराओं का अनुभव लेने का भी सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि समय मिले तो बाबा विश्वनाथ के दर्शन, गंगा स्नान और काशी की प्रसिद्ध व्यंजनों का स्वाद अवश्य लें।

नए स्टेडियम में हो रहा आयोजन

इस राष्ट्रीय वॉलीबॉल प्रतियोगिता का उद्घाटन समारोह डॉ. संपूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम में आयोजित किया गया, जिसका निर्माण हाल ही में पूरा हुआ है। यह टूर्नामेंट 4 से 11 जनवरी तक चलेगा। आयोजकों को उम्मीद है कि इस प्रतियोगिता के दौरान भारतीय वॉलीबॉल में उच्च स्तर की प्रतिस्पर्धा, खेल भावना और प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन देखने को मिलेगा।