राम मंदिर में हुई दानराशि से जुड़े कथित अनियमितताओं की जांच तेज़ी से आगे बढ़ रही है। विशेष जांच दल (SIT) लगातार चौथे दिन भी इस मामले में संदिग्ध लोगों से पूछताछ करता रहा। गुरुवार को टीम ने राम मंदिर ट्रस्ट के मुख्य ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र से भी सवाल-जवाब किए। इससे पहले तीन दिनों में 60 से अधिक लोगों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं।
जांच के दौरान एसआईटी ने दान की गणना प्रक्रिया, बैंक तक धनराशि पहुंचाने की व्यवस्था और संबंधित दस्तावेजों की बारीकी से पड़ताल की है। साथ ही मंदिर परिसर और बैंक से जुड़े सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक, जांच में कुछ सीसीटीवी रिकॉर्डिंग में छेड़छाड़ के संकेत मिलने की बात सामने आई है, जिससे मामला और गंभीर हो गया है। इसी बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शुक्रवार को अयोध्या दौरे की भी जानकारी सामने आई है, जहां वे राम मंदिर में दर्शन करेंगे। संभावना जताई जा रही है कि एसआईटी अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंप सकती है।
ट्रस्ट पदाधिकारियों से लगातार पूछताछ
एसआईटी टीम ट्रस्ट के वरिष्ठ पदाधिकारियों चंपत राय, गोपाल राव सहित कई अन्य अधिकारियों और उनसे जुड़े लोगों से गहन पूछताछ कर रही है। सूत्रों का कहना है कि कई सवालों के जवाब स्पष्ट रूप से नहीं मिल पाए हैं, जबकि कुछ मामलों में जवाब संतोषजनक नहीं पाए गए हैं।
दान से संबंधित रिकॉर्ड की जांच में भी कई विसंगतियां सामने आई हैं, जिसके चलते जांच की प्रक्रिया लंबी हो रही है। विशेष जांच दल ने लगभग 200 लोगों की सूची तैयार की है, जिनमें से अब तक 125 से अधिक लोगों से पूछताछ हो चुकी है और कुछ से दोबारा भी बयान लिए गए हैं।
संदिग्धों से मिले नए सुराग
जांच के दौरान पकड़े गए पांच संदिग्धों से भी पूछताछ की गई है। उनके पास से नकदी बरामद होने की जानकारी सामने आई है। सूत्रों के अनुसार, इन संदिग्धों ने कुछ अन्य लोगों के नाम भी उजागर किए हैं, जो इस कथित गड़बड़ी में शामिल बताए जा रहे हैं। एसआईटी इन सभी बयानों की पुष्टि कर रही है।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यह है कि जांच के दौरान एफआईआर दर्ज की जाएगी या नहीं, या फिर जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी। इस पर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है।