भाजपा विधायक राजबाला के पति दिलीप सिंह लोधी पर ठेकेदार और मजदूरों के साथ मारपीट करने तथा लगभग एक लाख रुपये की मजदूरी न देने का गंभीर आरोप सामने आया है। मामले में कोर्ट के आदेश के बाद सिविल लाइंस थाने में एफआईआर दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
राजस्थान के भरतपुर जिले के बयाना थाना क्षेत्र के नगला होता गांव निवासी ठेकेदार रविंद्र सिंह ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से एससी-एसटी कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर यह आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि वह ग्रेनाइट लगाने का काम करते हैं और मजदूरों के साथ मुरादाबाद में एक कोठी पर कार्य कर रहे थे।
इसी दौरान परिचितों के जरिए उनकी मुलाकात दिलीप सिंह लोधी से हुई। आरोप है कि लोधी ने बरेली-बाईपास स्थित अपने होटल में ग्रेनाइट लगाने का काम 35 रुपये प्रति स्क्वायर फीट की दर से देने की बात कही थी। साथ ही 15 मजदूरों के साथ काम कराने और साप्ताहिक भुगतान व अन्य खर्च देने पर सहमति बनी थी।
ठेकेदार के अनुसार वह अपने मजदूरों के साथ होटल पर पहुंचा और काम शुरू कर दिया। करीब एक सप्ताह बाद जब उसने भुगतान की मांग की तो केवल दो हजार रुपये दिए गए, जबकि बाकी राशि टाल दी गई। आरोप है कि बाद में जब उसने फिर से पैसे मांगे तो उसे राशन देने की बात कही गई, लेकिन नकद भुगतान नहीं किया गया।
रविंद्र सिंह का कहना है कि नौ दिनों के काम के बाद करीब एक लाख रुपये बकाया हो गया था। जब उन्होंने भुगतान की मांग की तो आरोप है कि विधायक पति नाराज हो गए और उनके साथ मारपीट की गई। इतना ही नहीं, उनकी बोलेरो गाड़ी, बर्तन और सिलिंडर भी कथित रूप से कब्जे में ले लिए गए और मजदूरों को धमकी देकर वहां से भगा दिया गया।
पीड़ित ने बताया कि पुलिस में शिकायत करने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई, जिसके बाद उन्होंने अदालत का रुख किया। वहीं, सिविल लाइंस कोतवाली प्रभारी ओमकार सिंह ने पुष्टि की है कि कोर्ट के आदेश पर दिलीप सिंह लोधी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले की जांच जारी है।