उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (Uttar Pradesh Madhyamik Shiksha Parishad) यानी यूपी बोर्ड के परीक्षा परिणाम गुरुवार, 23 अप्रैल को शाम चार बजे जारी किए जाएंगे। इस बात की जानकारी परिषद के सचिव भगवती सिंह ने दी है।
इस साल लाखों छात्रों ने दी परीक्षा
बोर्ड के अनुसार वर्ष 2026 में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा के लिए कुल 52,30,297 छात्रों ने पंजीकरण कराया था।
- हाईस्कूल (10वीं) में 27,50,945 छात्र शामिल रहे, जिनमें 14,38,682 छात्र और 13,12,263 छात्राएं थीं।
- इंटरमीडिएट (12वीं) में 24,79,352 विद्यार्थी शामिल हुए, जिनमें 13,03,012 छात्र और 11,76,340 छात्राएं रहीं।
रिजल्ट के साथ टॉपर्स की सूची भी जारी की जाएगी। 12वीं के परिणाम स्ट्रीम—आर्ट्स, साइंस और कॉमर्स—के आधार पर अलग-अलग घोषित होंगे। साथ ही बेहतर प्रदर्शन करने वाले छात्रों को सम्मानित करने की योजना भी है।
मूल्यांकन प्रक्रिया समय से पूरी
बोर्ड ने बताया कि उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन 4 अप्रैल को पूरा कर लिया गया था। इस दौरान लगभग 1.10 लाख परीक्षकों ने करीब 2.75 करोड़ कॉपियों की जांच की। मूल्यांकन कार्य प्रदेश के 254 केंद्रों पर 18 मार्च से शुरू होकर 4 अप्रैल तक चला।
इस प्रक्रिया के दौरान कुछ स्थानों पर नकल से जुड़े मामलों का भी खुलासा हुआ, जिसके बाद सख्त कार्रवाई की गई। सचिव भगवती सिंह ने निर्देश दिया था कि जिन कॉपियों में अनधिकृत नोट या संकेत पाए जाएंगे, उनकी जांच नहीं की जाएगी।
कड़ी निगरानी में हुई परीक्षा
यूपी बोर्ड ने परीक्षा को नकल-मुक्त बनाने के लिए सख्त सुरक्षा व्यवस्था लागू की थी। प्रदेश में 222 अतिसंवेदनशील और 683 संवेदनशील परीक्षा केंद्र चिन्हित किए गए थे।
इसके अलावा लगभग 1000 संदिग्ध मोबाइल नंबरों को निगरानी में रखा गया था। कई जिलों में मोबाइल जैमर और एआई आधारित कैमरों की मदद से परीक्षा केंद्रों पर नजर रखी गई।
इस साल 75 जिलों में कुल 8033 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। सुरक्षा एजेंसियों और एसटीएफ ने कई जिलों में संदिग्ध गतिविधियों पर भी निगरानी रखी थी, ताकि परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष रहे।