महाराष्ट्र सरकार के मंत्री और भाजपा नेता गिरीश महाजन को मंगलवार को मुंबई के वर्ली इलाके में एक रैली के दौरान आम जनता के गुस्से का सामना करना पड़ा। महिला आरक्षण बिल के समर्थन में आयोजित इस बड़े प्रदर्शन के चलते इलाके में भारी ट्रैफिक जाम लग गया, जिससे नाराज एक महिला ने बीच सड़क पर ही मंत्री को घेर लिया और तीखी प्रतिक्रिया दी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।

रैली और ट्रैफिक जाम बना विवाद की वजह

यह कार्यक्रम भाजपा द्वारा महिला आरक्षण विधेयक के समर्थन में आयोजित किया गया था, जिसमें हजारों की संख्या में महिलाएं शामिल हुईं। रैली के कारण मुख्य सड़कों पर लंबा जाम लग गया और आम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। इसी दौरान एक महिला अपनी आपत्ति जताते हुए मौके पर पहुंची और विरोध करने लगी।

गिरीश महाजन का बयान

बुधवार को इस घटना पर सफाई देते हुए गिरीश महाजन ने कहा कि बड़े जनआंदोलनों के दौरान कुछ असुविधा होना स्वाभाविक है। उन्होंने बताया कि इस रैली में करीब 15 से 20 हजार महिलाएं शामिल थीं और कार्यक्रम के लिए पहले से अनुमति ली गई थी। महाजन ने कहा कि ऐसे बड़े आयोजनों में ट्रैफिक प्रभावित होता है, जिसे पूरी तरह रोका नहीं जा सकता।

महाजन ने यह भी स्वीकार किया कि महिला की नाराजगी को वह कुछ हद तक समझते हैं, लेकिन उनका व्यवहार सही नहीं था। उन्होंने कहा कि उन्होंने खुद स्थिति को शांत करने की कोशिश की और लोगों से कुछ समय सहयोग करने की अपील की थी। उनके अनुसार, उन्होंने मौके पर महिला को हुई असुविधा के लिए माफी भी मांगी थी।

विपक्ष का हमला

घटना के बाद कांग्रेस ने भाजपा पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि राजनीतिक कार्यक्रमों के कारण आम जनता को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ता है। वहीं भाजपा नेताओं का कहना है कि बड़े जनसमूह वाले आयोजनों में व्यवस्थागत चुनौतियां आती हैं।

पहले भी हो चुका है ऐसा वाकया

गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब गिरीश महाजन को इस तरह की स्थिति का सामना करना पड़ा हो। इससे पहले भी जलगांव में एक कार्यक्रम के दौरान ट्रैफिक को लेकर उनकी बहस एक महिला से हो चुकी है, जहां बाद में स्थिति को शांत करने के लिए उन्हें हस्तक्षेप करना पड़ा था।