सहारनपुर: उत्तर प्रदेश आतंकवाद विरोधी दस्ता (एटीएस) ने थाना कुतुबशेर क्षेत्र की एकता कॉलोनी से एक रोहिंग्या शरणार्थी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से मोबाइल फोन, आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक, मकान के बैनामे समेत कई दस्तावेज बरामद हुए हैं। जानकारी के अनुसार, वह कई सालों से जिले में रहकर एक मीट फैक्ट्री में काम कर रहा था और मूल रूप से म्यांमार का निवासी है।

एटीएस को कुछ दिनों से सूचना मिल रही थी कि जिले की मीट फैक्ट्रियों में म्यांमार के नागरिक अवैध रूप से काम कर रहे हैं और फर्जी भारतीय दस्तावेज बनाकर रह रहे हैं। बुधवार शाम को देवबंद क्षेत्र से एकता कॉलोनी के पास संदिग्ध व्यक्ति की मौजूदगी की सूचना मिली। एटीएस टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर उसे घेरकर पकड़ लिया।

पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम शाहबुद्दीन पुत्र सैय्यद अकबर निवासी नदीम कॉलोनी बताया। उसके पास से मोबाइल फोन, जिसमें दो आईएमईआई नंबर और सिम नंबर दर्ज थे, बरामद हुआ। इसके अलावा संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त (UNHCR) का कार्ड, आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक, बिजली बिल की रसीद और जमीन के बैनामे जैसे दस्तावेज भी मिले।

शाहबुद्दीन ने पूछताछ में बताया कि वह लगभग 20-25 साल पहले अवैध रूप से भारत आया था। उसने कहा कि मीट फैक्ट्री में काम करने और अन्य मजदूरी करने के लिए उसे भारतीय पहचान पत्र की जरूरत थी, इसलिए उसने किसी एजेंट की मदद से आधार कार्ड बनवाया। उसके पास माता-पिता के UNHCR कार्ड की प्रतियां भी मिली हैं।

संदिग्ध की कई सालों से एकता कॉलोनी में मौजूदगी का स्थानीय पुलिस और लीविंग इंस्पेक्शन यूनिट (LIU) को पता नहीं चला। यह गिरफ्तारी उस समय आई है जब छह नवंबर 2025 को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने सहारनपुर से एक संदिग्ध आतंकी डॉ. आदिल अहमद को गिरफ्तार किया था, जिसके बाद जिले में अन्य राज्यों से आए लोगों की जांच तेज की गई थी।

इससे पहले भी जिले में यूपी एटीएस ने रोहिंग्याओं को पकड़ चुका है। 25 जुलाई 2023 को कमेला और एकता कॉलोनी से दो रोहिंग्याओं को गिरफ्तार किया गया था, जिनके पास फर्जी आधार और अन्य दस्तावेज मिले थे। पूछताछ में पता चला था कि वे यहां आठ साल से रह रहे थे और प्लॉट खरीदने की योजना बना रहे थे।