सहारनपुर जनपद के गंगोह क्षेत्र स्थित गुलाम औलिया मोहल्ले में बुधवार देर रात एक गत्ते के गोदाम में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेज थी कि उसने कुछ ही समय में पूरे गोदाम को अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे में दो कटिया और एक बकरी की मौत हो गई, जबकि गोदाम मालिक भी झुलस गया। दमकल विभाग की कई गाड़ियों ने करीब सात घंटे की मशक्कत के बाद सुबह लगभग नौ बजे आग पर काबू पाया। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार इस घटना में लगभग दस लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
देर रात अचानक भड़की आग
जानकारी के अनुसार, गुलाम औलिया मोहल्ले में एमएस नमरा ट्रेडर्स के स्वामी नवाब कुरैशी का गत्ते का गोदाम है, जिसके ऊपर ही उनका आवास बना हुआ है। रात करीब दो बजे अचानक गोदाम से धुआं और आग की लपटें उठती दिखाई दीं। आग लगने का पता चलते ही परिवार के सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इसके बाद स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और आग पर काबू पाने तथा पशुओं को बचाने का प्रयास करने लगे।
तेजी से फैली आग, मालिक झुलसे
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, गोदाम में बड़ी मात्रा में रखा गत्ता आग लगते ही तेजी से जलने लगा, जिससे आग ने विकराल रूप ले लिया। इसी दौरान गोदाम मालिक नवाब कुरैशी आग की चपेट में आकर झुलस गए, जिन्हें इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे में दो कटिया और एक बकरी की मौत हो गई, जबकि एक भैंस भी झुलस गई।
कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू
सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। आग की भयावहता को देखते हुए आसपास के जिलों से भी फायर ब्रिगेड की गाड़ियां बुलाई गईं। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक संजीव कुमार के अनुसार नकुड़, सरसावा और रामपुर सहित कई स्थानों से कुल 17 दमकल गाड़ियों ने लगातार पानी की बौछार कर आग बुझाने का प्रयास किया। भारी मात्रा में गत्ता होने और आग की तीव्रता के कारण राहत कार्य में काफी मुश्किलें आईं। अंततः सुबह करीब नौ बजे आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया।
वर्षों की मेहनत जलकर खाक
गोदाम मालिक ने बताया कि वहां लगभग दस ट्रक माल के बराबर गत्ता रखा हुआ था, जो पूरी तरह जलकर नष्ट हो गया। उन्होंने कहा कि वह अपने भाइयों फेजान, मोहसीन, मुन्ना, सनव्वर और दानिश के साथ पिछले 25 वर्षों से गत्ते और कबाड़ के कारोबार से जुड़े हैं। इस हादसे ने वर्षों की मेहनत और पूंजी को पलभर में तबाह कर दिया।