शामली। कैराना से सांसद इकरा हसन मंगलवार को जसाला गांव में हुए मोनू कश्यप हत्याकांड को लेकर पीड़ित परिवार के साथ डीआईजी से मिलने पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि पीड़िता की बात को गंभीरता से नहीं सुना गया, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।
मुलाकात के बाद जैसे ही सांसद डीआईजी कार्यालय से बाहर निकलीं, वहां मौजूद स्थिति के चलते यातायात व्यवस्था प्रभावित होने का आरोप लगा। इसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर महिला थाने भेज दिया।
महिला थाने में कुछ देर रखा गया
पुलिस ने सांसद इकरा हसन को महिला थाने ले जाकर लगभग 10 मिनट तक रखा, जिसके बाद उन्हें छोड़ दिया गया। इसी दौरान सदर बाजार थाना पुलिस ने कुछ कार्यकर्ताओं को भी हिरासत में लिया, जिसके बाद सांसद ने थाने पहुंचकर धरना शुरू कर दिया।
क्या है पूरा मामला
जसाला गांव निवासी मोनू कश्यप का शव 21 अप्रैल को पंजोखरा क्षेत्र में रेलवे लाइन के पास मिला था। मामले की जांच में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस जांच के अनुसार, आरोपियों ने प्रेम प्रसंग से जुड़े विवाद में नाराज होकर मोनू को पहले शराब पिलाई और फिर कथित तौर पर ट्रेन के सामने धक्का देकर उसकी हत्या कर दी।
पीड़ित परिवार लगातार मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है।
पुलिस का पक्ष
एसपी सिटी व्योम बिंदल ने बताया कि डीआईजी कार्यालय के बाहर कुछ लोगों द्वारा सड़क पर जाम लगाने की स्थिति बनी थी, जिससे यातायात बाधित हुआ। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर व्यवस्था बहाल की और आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।