सहारनपुर: पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम में बिजली बिल राशि गबन का मामला सामने आया है। एक कर्मचारी ने उपभोक्ताओं से राशि वसूल तो की, लेकिन इसे निगम के खाते में जमा नहीं कराया। मामले का खुलासा होते ही निगम के प्रबंध निदेशक ने छह कर्मचारियों सहित अधिशासी अभियंता को निलंबित कर दिया। मुख्य आरोपी के खिलाफ नकुड़ थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
सूत्रों के अनुसार, विद्युत निगम की बिल राहत योजना के तहत नकुड़ क्षेत्र के उपभोक्ता अपने बिल जमा कर रहे थे। इसी दौरान TG-2 कर्मचारी सुशील कर्णवाल, जो कैशियर पद पर तैनात थे, ने 29 जनवरी से 7 फरवरी के बीच करीब 32 लाख रुपये निगम खाते में जमा नहीं किए।
मुख्य शिकायतकर्ता कार्यकारी प्रधान खजांची रोहित कुमार ने पुलिस को बताया कि सुशील कर्णवाल ने 29 जनवरी से 31 जनवरी तक लगभग 21.61 लाख रुपये और 1 फरवरी से 9 फरवरी तक करीब 10.87 लाख रुपये जमा नहीं किए। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया और उच्च अधिकारियों को भी सूचित किया।
प्रबंध निदेशक रविश गुप्ता ने मामले की जांच कराई। प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए जाने पर अधिशासी अभियंता राजा कुमार, सहायक लेखाधिकारी महेश कुमार, सहायक लेखाकार संदीप कुमार, कार्यकारी सहायकों रोहित कुमार और धर्मेंद्र सिंह को निलंबित किया गया। निदेशक कार्मिक आशु कालिया ने इसकी पुष्टि की। फिलहाल मुख्य आरोपी सुशील कर्णवाल फरार है।