शामली: शहर में एक कारोबारी साइबर ठगों का शिकार हो गया, जिन्होंने उसे शेयर मार्केट में आईपीओ (इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग) अलॉट कराने का झांसा देकर लगभग 2 करोड़ 16 लाख 50 हजार रुपये की ठगी कर ली। पीड़ित ने इस मामले में साइबर क्राइम थाना में शिकायत दर्ज कराई है।

व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए फंसाया गया पीड़ित
पीड़ित ने बताया कि 16 नवंबर को उसे एक अज्ञात व्यक्ति ने व्हाट्सएप ग्रुप ‘वेल्द स्ट्रैटेजी क्लब C7’ में जोड़ा। यहां उसे इंडियन स्टॉक मार्केट टिप्स देने का झांसा दिया गया। कुछ दिनों बाद ग्रुप एडमिन ने उसे बताया कि उनका एक और ग्रुप है, ‘अल्फा अलायंस’, जो सालाना 600% तक रिटर्न देता है।

इसके बाद पीड़ित को दो कैटेगरी वाले ग्रुप में जोड़ा गया – एक 30 लाख रुपये की कैटेगरी और दूसरा 1 करोड़ रुपये की। पहले उसे व्हेल टीम ग्रुप में और बाद में चीफ डिसक्लिपस ग्रुप में शामिल किया गया।

बैंक खातों से ठगी की गई राशि
पीड़ित ने बताया कि 16 दिसंबर 2025 से 9 जनवरी 2026 के बीच उसके बैंक खातों से अलग-अलग खातों में कुल 2 करोड़ 16 लाख 50 हजार रुपये आरटीजीएस के माध्यम से ट्रांसफर कर लिए गए। इसमें विभिन्न बैंकों जैसे एक्सिस बैंक, बंधन बैंक, यूको बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, यश बैंक, इंडसइंड बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एयूस्माल फाइनेंस बैंक के खाते शामिल हैं।

आईपीओ क्या होता है?
आईपीओ यानी इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग वह प्रक्रिया है, जिसके जरिए कोई निजी कंपनी पहली बार अपने शेयर आम जनता को बेचती है। इस प्रक्रिया से कंपनी को पूंजी मिलती है और निवेशकों को कंपनी में शेयर प्राप्त होते हैं।

साइबर क्राइम पुलिस ने शुरू की जांच
पीड़ित की तहरीर के आधार पर साइबर क्राइम थाना ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब इस घोटाले में शामिल अज्ञात आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है।