झिंझाना से कसेरवा जाने वाले रास्ते पर गुरुवार रात पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हो गई। इस दौरान दिल्ली के ओखला इलाके का रहने वाला 50 हजार रुपये का इनामी अपराधी रिहान पुलिस की गोली से ढेर हो गया, जबकि उसका एक साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। मुठभेड़ के दौरान बदमाशों की फायरिंग में शामली कोतवाली में तैनात सिपाही सुमित बैसला घायल हो गया।

एसपी एनपी सिंह के अनुसार, पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि दो बाइक सवार बदमाश झिंझाना-कसेरवा मार्ग पर किसी वारदात की फिराक में खड़े हैं। इसके बाद कोतवाली पुलिस और एसओजी टीम ने संयुक्त रूप से इलाके में घेराबंदी की। पुलिस को देखते ही बदमाशों ने अचानक गोलियां चलानी शुरू कर दीं, जिसमें सिपाही सुमित को गोली लगी।

जवाबी कार्रवाई में रिहान गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उसका दूसरा साथी मौके से भाग निकला, जिसकी तलाश में पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।

घटना की सूचना मिलते ही एसपी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि रिहान के खिलाफ शामली, बागपत, गाजियाबाद, दिल्ली और हरियाणा में लूट, डकैती और अन्य संगीन मामलों में 90 से अधिक केस दर्ज थे। पुलिस ने मौके से एक 9 एमएम पिस्टल और बाइक भी बरामद की है।

हाल ही में की थी लूट की वारदात
पुलिस के अनुसार, गुरुवार शाम फतेहपुर निवासी राहुल अपने दोस्त के साथ बाइक से सफर कर रहा था, तभी रिहान और उसके साथी ने पिस्टल के दम पर उनसे नकदी, मोबाइल फोन और अंगूठी लूट ली थी। इस मामले में बाबरी थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। मुठभेड़ के बाद बदमाशों से लूटा गया सामान भी बरामद कर लिया गया है।

पहले भी कर चुका था अपराध
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, दिसंबर में भी रिहान ने अपने गिरोह के साथ झिंझाना इलाके में एक दंपती से लूट की थी, जिसके बाद उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।

लंबे समय से चला रहा था गिरोह
पुलिस का कहना है कि रिहान पिछले करीब दस वर्षों से अपने आपराधिक गिरोह का नेतृत्व कर रहा था और कुख्यात याहिया गैंग के संपर्क में रहकर शामली और आसपास के इलाकों में लूट और स्नैचिंग की कई वारदातों को अंजाम देता रहा था।