आगरा। केंद्रीय कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत चौधरी शनिवार को ताजनगरी स्थित बीएसएनएल ग्राउंड में आयोजित चार दिवसीय इंडिया स्किल्स 2025–26 नॉर्थ रीजनल प्रतियोगिता के समापन समारोह में पहुंचे। समारोह में उन्होंने विजेताओं को पदक पहनाकर सम्मानित किया और देशभर में चल रही एलपीजी गैस की किल्लत पर भी अपने विचार साझा किए।
मंत्री चौधरी ने बताया कि इस साल प्रतियोगिता में करीब 3.5 लाख युवाओं ने पंजीकरण कराया, जिनमें अकेले उत्तर प्रदेश से एक लाख से अधिक प्रतिभागी शामिल थे। आगरा में आयोजित इस प्रतियोगिता में उत्तर भारत के पांच राज्यों और चार केंद्र शासित प्रदेशों के 360 प्रतिभागियों ने 41 ट्रेड्स में अपनी तकनीकी दक्षता और नवाचार का प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि यहां के विजेता अब राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करेंगे और चयनित प्रतिभाशाली युवा वर्ल्ड स्किल्स प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।
कौशल विकास में यूपी की नई दिशा
समारोह में प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय और कौशल विकास मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश अब कौशल विकास का प्रमुख केंद्र बन रहा है। वन डिस्ट्रिक्ट–वन प्रोडक्ट, एआई, ड्रोन और सोलर टेक्नोलॉजी जैसे आधुनिक प्रशिक्षण से ग्रामीण युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं। प्रदेश में 4,000 से अधिक केंद्रों के माध्यम से कौशल प्रशिक्षण को अंतिम छोर तक पहुँचाया जा रहा है।
एलपीजी गैस की किल्लत पर मंत्री का बयान
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश के कई हिस्सों में एलपीजी गैस की कमी से असुविधा जरूर है, लेकिन सरकार की सतत कोशिशों से स्थिति नियंत्रण में है। उन्होंने ईरान के साथ भारत के सभ्यतागत संबंधों का हवाला देते हुए कहा कि इसी कारण भारतीय जहाजों को सुरक्षित रूप से रवाना किया गया। मंत्री ने आशा जताई कि आने वाले दिनों में स्थिति सामान्य हो जाएगी और भारत हमेशा शांति के मार्ग पर काम करता रहेगा।