उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2026 के अवसर पर आयोजित रोजगार महाकुंभ में अपने संबोधन में बेटियों के सशक्तिकरण और सुरक्षा पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बेटियों में बहुत आत्मविश्वास होता है और उन्हें समाज में बराबरी के अवसर मिलना चाहिए। इसके लिए सबसे जरूरी उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में अब कानून का शासन है और बेटियों की सुरक्षा में खलल डालने वालों के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई व्यक्ति बेटियों के साथ अभद्र व्यवहार करेगा, तो उसके लिए कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित है।
सीएम योगी ने कन्या सुमंगला योजना का जिक्र करते हुए कहा कि इसके तहत लगभग 27 लाख बेटियों को आर्थिक लाभ मिल रहा है। उन्होंने बताया कि अब बेटियां किसी पर निर्भर नहीं हैं; उनके जन्म के साथ ही अकाउंट में राशि जमा कर दी जाती है, जिससे उनकी शिक्षा और विकास सुनिश्चित होता है।
उन्होंने प्रदेश में महिलाओं और बेटियों को समान अवसर देने की दिशा में उठाए गए कदमों पर भी प्रकाश डाला। 1947 से 2017 तक उत्तर प्रदेश पुलिस में केवल लगभग 10 हजार महिला कर्मी थीं, जो अब बढ़कर 44 हजार से अधिक हो गई हैं। मुख्यमंत्री ने अभिभावकों से अपील की कि वे अपनी बेटियों को पढ़ाने और उनके आत्मविश्वास को बढ़ावा देने में सहयोग करें।